लखनऊ
कांग्रेस संग गठबंधन से पहले बड़ा दांव खेल गए अखिलेश, यूपी की हाईप्रोफाइल सीट लखनऊ पर उतारा प्रत्याशी

लोकसभा चुनाव में भले ही अभी कुछ समय बाकी हो लेकिन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव को लेकर अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा शुरू कर दी है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव कांग्रेस संग गठबंधन से पहले ही बड़ा दांव खेल गए। अखिलेश यादव ने यूपी की हाईप्रोफाइल सीट लखनऊ से अपना उम्मीदवार लगभग तय कर दिया है। सपा प्रमुख ने इस सीट से विधायक रविदास मेहरोत्रा को लोकसभा चुनाव लड़ाने पर फैसला किया है। इस दौरान सपा मुखिया ने कार्यकर्ताओं को संदेश भी दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि इस बार 2024 में राजधानी सपा को जिताकर लोकतंत्र का नया इतिहास रचेगी।
लखनऊ में जो भी विकास हुआ है, समाजवादी सरकार में ही हुआ है। अखिलेश ने मंगलवार को लखनऊ के सपा कार्यकर्ताओं को पार्टी मुख्यालय बुलाया और कहा कि जिन लोगों ने भाजपा को वोट दिया था, वे भी अब भाजपा से क्षुब्ध हैं। भाजपा नेतृत्व ने जितने वादे किए थे एक भी पूरा नहीं किया। किसान, नौजवान, शिक्षक, व्यापारी, अधिवक्ता सभी तो दुःखी हैं। देश-प्रदेश में नफरत और समाज को बांटने वाली गतिविधियां चल रही है। भाजपा सरकार की उपेक्षा से लखनऊ का वैभव भी फीका पड़ता जा रहा है। समाजवादी सरकार में बना गोमती रिवरफ्रंट गुजरात में साबरमती रिवरफ्रंट से ज्यादा शानदार है लेकिन भाजपा नाले पर रिवरफ्रंट की योजना की चर्चा कर खुश है। समाजवादी सरकार में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर बना जेपीएनआईसी (जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) यदि भाजपा राज में बर्बाद न होता तो राजधानी में यह एक शीर्ष बौद्धिक संस्थान होता। परिवहन सुविधा के लिए लखनऊ में मेट्रो रेल जहां तक समाजवादी सरकार में चली थी, वहीं तक चलकर रूक जाती है।






