कौशाम्बी
सिराथू तहसील क्षेत्र के एक गांव में महिला को आवास दिलाने के लिए पर असरदार व्यक्ति ने शपथपत्र पर हस्ताक्षर करवा लिया। इसके बाद महिला के घर में ताला जड़ते हुए उसे घर से बाहर निकाल दिया। अब महिला जवान बेटी के साथ खुले आसमान के नीचे पुआल डालकर गुजारा कर रही है। मामले में हल्का लेखपाल की भी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
सिराथू तहसील क्षेत्र के मलाक पिंजरी गांव के मजरा चकिया की रहने वाली दुखिया देवी पत्नी उदयभान ने उप जिलाधिकारी सिराथू, थानाध्यक्ष मंझनपुर को पत्र देकर बताया कि उसकी सास चंदा देवी को आवास दिलाने के बहाने गांव के एक व्यक्ति ने दस रुपये के शपथ पत्र में हस्ताक्षर करवा लिया था। उसी शपथ पत्र में यह लिख दिया कि मैं अपना घर उसके हाथ बेच दी हूं। कुछ दिन बाद मेरी सास की मौत हो गई। सास की मौत होने के कुछ दिन बाद अपने मायके बच्चों के साथ चली गईं।
काफी दिन बाद जब वापस आई तो उसके घर पर उस व्यक्ति ने कब्जा कर ताला बंद कर लिया था। जब घर के अंदर जाने लगी तो आरोपी दबंग ने मुझे मारपीट कर मेरा सामान घर के बाहर फेंक दिया। इस पर पीड़िता ने मामले की शिकायत चौकी इंचार्ज शमसाबाद से किया। मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज ने ताला खुलवा दिया। ताला खुलवाने के बाद चौकी इंचार्ज जैसे ही वापस गए आरोपी ने फिर कब्जा कर लिया।
इसके चलते पीड़िता अपनी बेटी गुड़िया देवी (18) के साथ घर के बाहर पुवाल डाल कर रात काटने को मजबूर है। उधर तहसील प्रशासन मामले में चुप्पी साधे हुए है। कड़ाके की ठंड में खुद के घर पर कब्जा हो जाने से मां-बेटी ठंड में ठिठुर रहीं हैं और शासन-प्रशासन के नुमाइंदे विकास का ढिंढोरा पीट रहे हैं।






