हिंदी दिवस पर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएसन का सम्मान कार्यक्रम आयोजित

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कौशाम्बी

जिले के नगर पालिका परिषद भरवारी के पुरानी बाजार स्थित एक निजी गेस्ट में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन के तत्वावधान में हिन्दी दिवस के अवसर पर हिन्दी दिवस गोष्ठी एवम सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति गौतम चौधरी शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति गौतम चौधरी एवम उनकी पत्नी ने दीप प्रज्वलित कर किया। उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए न्यायमूर्ति गौतम चौधरी ने हिन्दी भाषा के विषय में कहा कि हिन्दी भाषा का सरलीकरण बहुत जरूरी है,हिन्दी भाषा के प्रति भारत के लोगों को जगाने की आवश्यकता है। आज न्यायालय में ज्यादातर काम हिन्दी में होते है और थानों में एफआईआर भी हिन्दी में ही लिखी जाती है। अच्छी अंग्रेजी बोलने से कोई बहुत बड़ा विद्वान नही होता है। भाषा सिर्फ़ अभिव्यक्ति मात्र है। दुनिया में जितनी भी भाषाएँ है वो केवल समझने मात्र के लिए है भाषाएँ एक दूसरे को आत्मसात करती है। हिन्दी भाषा को जटिल नही करना चाहिए। न्यायालय में हिन्दी जैसी सरल भाषा का इस्तेमाल हो जो हर व्यक्ति के समझ से परे हो।

न्यायमूर्ति ने कहा कि विगत दिनों मेरे द्वारा हिन्दी भाषा में तेरह हजार छ: सौ से अधिक फैसेले सुनाये गये है। हिन्दी भाषा को बोलने में हिन्दुस्तान के लोगों को गर्व महसूस करना चाहिए । इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन के चेयरमैन सुरेश सिंह तोमर ने हिन्दी भाषा पर बोलते हुए कहा कि राष्ट्र भाषा हिन्दी को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें। सिर्फ़ हिन्दी को राष्ट्र भाषा बनाने से काम नही चलेगा। देश को समृद्ध बनाने के लिए हिन्दी को सक्रिय करने की आवश्यकता है। सिर्फ़ 14 सितम्बर हिन्दी दिवस के दिन ही हिन्दी भाषा को याद न किया जाय।

कार्यक्रम में अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन के दर्जनों पदाधिकारियों को न्यायमूर्ति ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई और उन्हें प्रमाणपत्र व शील्ड देकर सम्मानित ‌किया।

 

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Author: Up Head Line

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