मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों को “श्री अन्न” मिनीकिट का किया निःशुल्क वितरण

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कौशाम्बी

मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों को “श्री अन्न” मिनीकिट का किया निःशुल्क वितरण
श्री अन्न का उत्पादन कर जनपद के किसान बन सकतें हैं समृद्धशाली
मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 रवि किशोर त्रिवेदी ने आज किसान कल्याण केन्द्र, मंझनपुर स्थित सभागार में श्री अन्न के मिनीकिट का निःशुल्क वितरण किया।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि मोटे अनाज-कोदो, सॉवॉ, बाजरा एवं रागी आदि का उत्पादन प्रमुख रूप से कम उपजाऊ एवं गैर सिंचित क्षेत्रों में भी किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त इनमें मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यन्त लाभदायक तत्व जैसे-कैल्शियम, प्रोटीन, खाद्य रेसे, कार्बोहाइड्रेट, खनिज तत्व आदि प्रचुर मात्रा में पाये जाने व हर आयु के व्यक्तियों के लिए सुपाच्य व संतुलित आहार होने के कारण सरकार ने इसे श्री अन्न की संज्ञा दिया है। प्राचीन भारत में श्री अन्न का ही मुख्य रूप से उत्पादन किया जाता था। श्री अन्न भारत का मूल आहार था।
उप कृषि निदेशक श्री सतेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि जनपद में मिलेट्स अथवा मोटे अनाज यथा-कोदो, सॉवॉ, रागी आदि की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के लिए मिलेट्स के उत्पादन एवं उपभोग को प्रोत्साहन दिये जाने के लिए कृषि विभाग द्वारा जनपद एवं विकासखण्ड स्तर पर स्थित बीज गोदामों पर कृषकों को श्री अन्न के बीजों का निःशुल्क वितरण प्रारम्भ किया जा चुका है। दिनॉक-11 जुलाई को विकासखण्ड मूरतगंज एवं चायल तथा दिनॉक-12 जुलाई को कड़ा एवं सिराथू विकासखण्ड में श्री अन्न का वितरण किया गया। जनपद के विकासखण्ड सरसवॉ, कौशाम्बी, सिराथू एवं कड़ा के गंगा एवं यमुना नदियों के तराई क्षेत्रों में श्री अन्न/मोटे अनाज का उत्पादन के लिए जाना जाता है। उन्होंने कृषकों को अवगत कराया कि वर्तमान समय मोटे अनाज का है आज चिकित्सक मोटा अनाज भोजन में शामिल करने की संस्तुति करने लगे हैं। मोटे अनाज यथा-रागी, कोदो एवं सॉवॉ भोजन में सम्मिलित करने से ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डी खोखली होने का रोग), सुगर, रक्तचाप का असंतुलन व उदर रोग आदि समस्याए दूर होती हैं। बाजार में मोटे अनाज की मॉग बढ़ने के कारण इनके उपज की कीमत बढ़ रही है। उन्होंने कृषकों को आय को बढ़ाने के लिए श्री अन्न की खेती करने व उत्पादन को बढ़ाने के लिए अनुरोध किया, जिससे जनपद के कृषकों की आय में बढ़ोत्तरी उन्हें समृद्ध बनाया जा सके।

Up Head Line
Author: Up Head Line

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