Taste Of Nagaur : 1960 से बन रही इस भुजिया की विदेशों तक है डिमांड, जानिए खासियत


कृष्ण कुमार/ नागौर. भुजिया का नाम लेते है राजस्थान के बीकानेर जिले की याद आती है क्योंकि भुजिया के लिए बीकानेर प्रसिद्ध है. लेकिन नागौर के खींवसर तहसील में बनने वाले भुजिया जो केवल एक दुकान पर ही बनाया जाता है जो अपने लाजबाब स्वाद के लिए प्रसिद्ध है. इनकी खास बात है कि यहां पर बनने वाले भुजिया का स्वाद बीकानेर में बनने वाले भुजिया से अलग होता है.भुजिया के साथ-साथ यहां पर पापड़ी भी बनाई जाती है.

दरअसल भुजिया व पापड़ी बनाने की शुरुआत वर्ष 1960 से हुई है. जो आज तीन पीढ़ीयों से बनाए जा रहे है. यहां पर बनने वाले भुजिया व पापड़ी दोनों एक स्वाद के होते है. क्योंकि यहां पर दोनों को बनाने का तरीका भले ही अलग हो लेकिन स्वाद एक जैसा है. वही भुजिया व पापड़ी बनाने वाली सामग्री सारी उच्च क्वालिंटी का प्रयोग किया जाता है. जिससे इन दोनों नमकीनों का स्वाद एक जैसा है.वही दुकान मालिक संजय ने बताया कि जब भी खींवसर में किले को देखने विदेशी पर्यटक आते है तो यहां पर बनने वाले भुजिया व पापड़ी का स्वाद लेते है औरकई बार ऑर्डर देकर अपने साथ ले जाते है.

यह है रेसिपी –मदनजी की दुकान के नाम से प्रसिद्ध दुकान के मालिक संजय ने बताया कि यह भुजिया व पापड़ी को हाथों से बनाया जाता है. भुजिया व पापड़ी को बनाने में बेसन, अजयवान, मिर्ची, जीरा व गर्म मसाला इत्यादि को प्रयोग किया जाता है. उसके बाद उसे गर्म तेल में तल लिया जाता है. इस प्रकार से भुजिया व पापड़ी को तैयार किया जाता है.

यह है भाव –संजय ने बताया कि वर्तमान समय में दोनो के भाव 250 रुपये प्रतिकिलो है. यह दुकान खींवसर में मैन बाजार की पीछे स्थित है. जहां पर ईलोजी महराज की मूर्ति लगी हुई है. वहां पर यह दुकान स्थित है.

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Author: Jagran Times

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