कौन है रतन टाटा के साथ साये की तरह रहने वाला ये लड़का? करोड़ों रुपये की संपत्ति का मालिक, लाखों में है सैलरी

हाइलाइट्स

शांतनु ने अमेरिका के कॉर्नेल विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है.
आए दिन रतन टाटा के साथ इनकी तस्वीरें वायरल होती रहती हैं.
टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन ऑफिस में वे जनरल मैनेजर हैं.

नई दिल्‍ली. दिग्‍गज उद्योगपति रतन टाटा (Ratan Tata) के साथ अक्‍सर एक लड़का नजर आता है. यह हर जगह उनके साथ रहता है. टाटा ने अपना 85वां जन्‍मदिन भी इस युवा के साथ मनाया था. साये की तरह रतन टाटा के साथ रहने वाला यह लड़का है शांतनु नायडू. शांतनु टाटा के पर्सनल असिस्‍टेंट हैं. टाटा का शांतनु के साथ बहुत लगाव है. रतन टाटा इन्हें अपने बेटे की तरह मानते हैं. शांतनु रतन टाटा के कारोबार के साथ ही उनके निवेश को भी देखते हैं. वैसे टाटा कंपनी में उनका पद मैनजर का है. शांतनु को हर महीने लाखों रुपये सैलरी मिलती है और उनकी नेटवर्थ भी करोड़ों रुपये है.

30 वर्षीय शांतनु नायडू एक बिजनेसमैन, इंजीनियर, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर, लेखक और एंटरप्रेन्योर हैं. शांतनु ने अमेरिका के कॉर्नेल विश्वविद्यालय से MBA की पढ़ाई की है. शांतनु नायडू का जन्म महाराष्ट्र के पुणे में 1993 में हुआ था और टाटा ग्रुप में काम करने वाले वो अपने परिवार की 5वीं पीढ़ी हैं. साल 2018 में पढ़ाई के बाद शांतनु वापस भारत आए टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन ऑफिस में बतौर डिप्टी जनरल मैनेजर काम करने लगे. शांतनु नायडू के स्‍टार्टअप गुडफेलोज में रतन टाटा ने निवेश किया है. यह स्‍टार्टअप वरिष्ठ नागरिकों की सेवा के लिए शुरू किया गया है.

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शांतनु की सैलरी
शांतनु नायडू को सैलरी में करीब 7 लाख रुपये महीने के मिलते हैं. उनकी कुल संपत्ति करीब 6 करोड़ रुपये आंकी गई है. शांतनु 2018 से रतन टाटा (Ratan Tata) के साथ जुड़े हैं. Goodfellows में रतन टाटा ने कितना निवेश (Ratan Tata Invest) किया है इस बात की जानकारी सामने नहीं आई है.

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रतन टाटा भी कुत्‍तों से काफी लगाव रखते हैं. ( image : ratantata/instagram)

पशु प्रेम ने किया प्रभावित
टाटा के साथ अपने अनुभव के बारे में नायडू ने  ‘I Came Upon a Lighthouse’ नामक एक किताब भी लिखी है. इसमें उन्‍होंने बताया है कि रतन टाटा ने उन्‍हें क्‍यों अपना असिस्‍टेंट बनाया. दरअसल, शांतनु को कुत्‍तों से बहुत लगाव है. मुंबई में सड़क पर लावारिस कुत्‍तों को सड़क हादसों का शिकार होने से बचाने के लिए उन्‍होंने उनके गले में चमकने वाला पट्टी डालने का अभियान चलाया था. आवारा कुत्तों के लिए किए गए काम की वजह से रतन टाटा उनसे बहुत प्रभावित हुए. रतन टाटा भी कुत्‍तों से काफी लगाव रखते हैं. शांतनु नायडू से रतन टाटा इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने खुद फोन कर शांतनु को अपना असिस्‍टेंट बनने की जॉब ऑफर की थी.

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Author: Jagran Times

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