
पप्पू पांडेय/अमेठी. उत्तर प्रदेश के जिला अमेठी में दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर ससुरालियों ने विवाहिता को घर से निकाल दिया. 16 जून से पीड़िता पिता के साथ थाने का चक्कर लगा रही है. सुनवाई नहीं होने पर सोमवार को पीड़िता ने एसपी से गुहाई लगाई तो न्याय की उम्मीद जगी. एसपी ने गौरीगंज पुलिस को पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट देने को कहा है.
जानकारी के मुताबिक, गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र खरांवा पूरे हवलदार गांव के रामचंद्र ने अपनी बेटी वंदना की शादी 3 साल पहले अमेठी थाना क्षेत्र के घोरहा पूरेपहलवान गांव के रहने वाले सूरज से की थी. शादी के बाद से ही सूरज और उसके परिवार के लोग सोने की चेन और गाड़ी के लिए वंदना को परेशान करने लगे. कई बार स्थानीय लोगों ने समझौता भी कराया, लेकिन ससुरालियों की प्रताड़ना और पिटाई करना जारी रहा.
बीते 16 जून को सूरज ने वंदना को कमरे में बंद कर जमकर पीटा गया. ग्रामीणों से मिली जानकारी के बाद पीड़िता के पिता रामचंद्र मौके पर पहुंचे और किसी तरह अपनी बेटी को छुड़ाकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया. इलाज के बाद आरोपियों पर कार्रवाई के लिए रामचंद्र ने बेटी वंदना के साथ कई बार गौरीगंज कोतवाली के चक्कर लगाए. लेकिन सुनवाई नहीं हुई. थक-हारकर सोमवार को रामचंद ने बेटी वंदना के साथ अमेठी पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन से मुलाकात की. पीड़ित रामचंद्र ने बताया कि शादी के समय मांग व सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज दिया था. लेकिन उसके बाद बेटी की ससुराल के लोग एक अपाचे गाड़ी और सोने की जंजीर की मांग कर रहे थे. जबकि शादी में एक लाख रुपए कीमत की एक मोटरसाइकिल दी थी. रामचंद्र ने अमेठी पुलिस अधीक्षक को अपनी पूरी पीड़ा सुनाई.
फिलहाल इस पूरे मामले में अमेठी पुलिस अधीक्षक ने गौरीगंज कोतवाली पुलिस को एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई रिपोर्ट देने को कहा. एसपी की ओर से कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद पीड़िता वंदना व पिता रामचंद्र को न्याय की उम्मीद मिली.
.
FIRST PUBLISHED : June 27, 2023, 09:04 IST






