तीन तलाक के बाद शहनाज को क्यों बनी आरोही? पवन संग लिए सात फेरे

चितरंजन सिंह, बरेली. वह बचपन से ही हिंदू धर्म में आस्था रखती थी. भगवान श्री कृष्ण की पूजा करती थी, लेकिन उसका पूजा-पाठ करना उसके परिवार को अच्छा नहीं लगता था. परिवार ने उसकी मुस्लिम रीति रिवाज से शादी करा दी. वहां भी वो भगवान श्री कृष्ण की पूजा करती थी. पति ने जब उसे पूजा करते देखा तो उसे मारपीट कर तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया. जिसके बाद शहनाज ने हिंदू धर्म अपनाकर पवन के साथ शादी कर ली है और अब शहनाज आरोही बन गई.

गायत्री मंत्र का जाप करती ये शहनाज है जो अब हिंदू धर्म अपनाकर आरोही बन गई है. फरीदपुर थाना क्षेत्र के ढहरी निवासी शहनाज ने बताया कि उसकी शुरू से ही हिंदू धर्म में आस्था थी. जिस वजह से उसके परिवार वाले पूजा पाठ का विरोध करते थे. परिवार वालो ने सोचा कि अगर शादी करा देंगे तो शायद ये पूजा पाठ नहीं करेगी. जिसके बाद घर वालो ने उसकी शादी गांव के ही एक मुस्लिम युवक से कर दी लेकिन शहनाज अपनी ससुराल में भी भगवान श्री कृष्ण की पूजा करती थी. जिस वजह से उसका पति उसे बहुत मारता पीटता था. मारपीट के बाद भी शहनाज ने पूजा करना नही छोड़ा जिस वजह से उसके पति ने उसे तीन बार तलाक तलाक तलाक बोलकर अपने घर से निकाल दिया.

शहनाज अब आरोही है
शहनाज कुछ दिनों मायके रही इस बीच गांव के ही उसके बचपन के दोस्त पवन से मित्रता और बढ़ गई और फिर दोनो ने जिंदगी साथ बिताने का वायदा किया और दोनों ने मढ़ीनाथ स्थित अगस्त मुनि आश्रम में शादी कर ली. यहां पहले पंडित केके शंखधार ने शहनाज का गंगाजल से शुद्धिकरण करवाया. उसे गायत्री मंत्र का जाप करवाया और फिर शहनाज धर्म परिवर्तन कर सनातन धर्म अपनाकर आरोही बन गई है.

आरोही का कहना की वो श्री कृष्ण की पूजा करती है और उसने अपनी मर्जी से हिंदू धर्म अपनाया है. उसने पवन के साथ 7 फेरे लिए. पवन ने आरोही को मंगलसूत्र पहनाया, मांग में सिंदूर भरा और 7 जन्म तक साथ देने का वादा किया.

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FIRST PUBLISHED : June 27, 2023, 08:55 IST

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Author: Jagran Times

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