नल जल योजना में करोड़ों खर्च, फिर भी 3 किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं आदिवासी, अधिकारी ने कही यह बात

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आकाश गौर/मुरैना. जिले के पहाड़गढ़ विकासखंड के आदिवासी बाहुल्य गांवों में जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपए खर्च कर टंकी निर्माण की गई और पाइप लाइन भी बिछाई गई है, लेकिन पानी की प्रॉपर सप्लाई न होने से पीने के पानी की समस्या अभी भी बनी हुई है. कन्हार की आदिवासी महिलाओं ने बताया कि अधिकारियों को हमने कई बार अपनी समस्या बताई, लेकिन अब तक हमारी इस समस्या का निराकरण नहीं हो पाया है. कई बार विधायक यह कहते हैं कि पानी की इस इलाके में कोई कमी नहीं रहेगी उसके बावजूद भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. यह पीने के पानी समस्या के निराकरण का आश्वासन दे जाते हैं, लेकिन समस्या का निराकरण आज तक कोई नहीं करा सका है.

आज भी हम 2 किमी दूर खेतों में स्थित कुएं से पानी भर कर ला रहे हैं. यही स्थिति धोबिनी, जड़ेरू, मरा, बहराई, मानपुर सहित आधा दर्जन गांवों की आदिवासी बस्तियों की है. यहां आदिवासी पानी के लिए बेहद परेशान हैं. आदिवासी परिवारों का कहना है कि जब चुनाव नजदीक आते हैं तब नेता तमाम तरह के वादे करते हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है.

ठप पड़ी है पानी की सप्लाई
आदिवासी बाहुल्य बस्तियों के लिए पीने के पानी की सप्लाई के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए गए है, लेकिन पानी की प्रॉपर व्यवस्था नहीं होने से भीषण गर्मी में ये लोग दूर-दूर से पानी सिर पर बर्तन रखकर ढ़ो रहे हैं. कन्हार की आदिवासी बस्ती में एक साल पूर्व एक करोड़ से अधिक की लागत से टंकी का निर्माण कर पाइप लाइन डाली जा चुकी है. दो-तीन महीने पानी की सप्लाई ठीक से नलों के माध्यम से हुई, लेकिन फिर से पानी की सप्लाई ठप पड़ी है.

2 करोंड़ की लागत से टंकियों का हुआ था निर्माण
यहां के आदिवासी 2 किमी दूर हार में स्थित कुंआ से पानी भरकर ला रहे हैं. यही स्थिति धोबिनी और जड़ेरू गांव की है, यहां 2 करोड़ से अधिक राशि से टंकियों का निर्माण हो चुका है. पाइपलाइन भी डाली जा चुकी है, लेकिन टंकी का बेसमेंट और पाइपों के ज्वॉइंट ठीक से नहीं किए गए हैं, जिससे यहां भी प्रॉपर पानी की सप्लाई नहीं हैं. इसलिए यहां के आदिवासी भी पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं. जड़ेरू में आदिवासी परिवार कुछ लोगों के निजी बोर से पानी भरने को मजबूर हैं.

वहीं जिला पंचायत सीईओ इच्छित गढ़पाले ने बताया कि पहाड़गढ़ और सबलगढ़ ऐसे इलाके है, लेकिन इस प्रकार की कोई जानकारी न तो किसी विभाग के द्वारा हमें आई है ना ही मैं इस बात से सहमत हूं. यदि इस प्रकार की कोई समस्या आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में है तो, उसे तत्काल निश्चित तौर पर तुरंत आज ही ठीक कराया जाएगा मैं खुद भी वहां जाकर जायजा लूंगा.

Tags: Clean water, Drinking water crisis, Local18, Madhya pradesh news, Morena news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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