MP Vidhan Sabha Chunav: मालवा से मिलेगी सत्ता! 66 सीटों पर कांग्रेस की नजर, बेटे जयवर्धन के साथ दिग्विजय सिंह ने संभाली कमान

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इंदौर. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत के लिए कांग्रेस ने मालवा-निमाड़ का रास्ता पकड़ लिया है. कहा जाता है कि सत्ता का रास्ता मालवा से ही निकलता है, क्योंकि एमपी के इस इलाके में सबसे ज्यादा विधानसभा की सीटें हैं. पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और उनके बेटे पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह जीत के लिए यहां पूरा जोर लगा रहे हैं. वहीं बीजेपी को भी भरोसा है कि वो इस बार जीत के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी.

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं. बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां सत्ता पाने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं. फिलहाल कांग्रेस मालवा इलाके में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हुई है. क्योंकि यहां विधानसभा की सबसे ज्यादा 66 सीटें हैं. साल 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को यहां 66 में से 56 सीटें मिली थीं और राज्य में उसकी सरकार बनी थी. कांग्रेस को सिर्फ 9 सीटें ही मिल पाईं थी, लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव में स्थिति बदल गई और इस इलाके से कांग्रेस को 36 सीटें मिली और राज्य में कमलनाथ की सरकार बन गई थी.

इसलिए मालवा-निमाड़ पर कांग्रेस का फोकस
मालवा-निमाड़ में पिछड़ने के कारण बीजेपी को सत्ता से बाहर होना पड़ा था. यही वजह है कि इस बार फिर कांग्रेस का पूरा फोकस मालवा-निमाड़ पर है. पूर्व सीएम कमलनाथ खुद लगातार दौरे कर रहे है. अब उन्होंने इस इलाके की कमान पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और उनके बेटे पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह को सौंपी है. वे खासतौर से सिंधिया समर्थक मंत्रियों को टारगेट कर रहे हैं. वे उज्जैन और इंदौर में डेरा डाले हुए हैं.

बीजेपी की जीत के रिकॉर्ड तोड़ने का दावा 
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और जयवर्धन के दौरों को लेकर बीजेपी हमलावर दिखाई दे रही है. कांग्रेस छोड़ बीजेपी में गए मध्यप्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट का कहना है ये लोग जितना घूमेंगे उतना ही बीजेपी को फायदा होगा. जीत के सारे रिकॉर्ड इस बार बीजेपी तोड़ने वाली है. कांग्रेस लाड़ली बहना योजना की नकल करके सत्ता के सपने देख रही है. जो कभी साकार नहीं होंगे.

 बीजेपी और कांग्रेस के बीच होगा कड़ा मुकाबला
इंदौर जिले की बात की जाए तो यहां की कुल 9 विधानसभा सीटों में से बीजेपी के पास 6 सीटें हैं, जबकि कांग्रेस के पास 3 सीटें हैं. इनमें एक नंबर विधानसभा सीट से संजय शुक्ला, राऊ से जीतू पटवारी औैर देपालपुर से विशाल पटेल तीनों कांग्रेस के सक्षम विधायक हैं. उज्जैन जिले की बात की जाए तो उज्जैन की 7 सीटों में से 4 पर कांग्रेस के विधायक काबिज हैं, 3 सीटें बीजेपी के पास हैं. उज्जैन दक्षिण से उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव, उज्जैन उत्तर से पारस जैन और महिदपुर से बहादुर सिंह चौहान बीजेपी विधायक हैं. हालांकि इस बार बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे का मुकाबला माना जा रहा है.

Tags: Indore news, Mp news, MP politics

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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