
हाइलाइट्स
कर्मचारियों को स्वैच्छा से इस्तीफा देने को कहा गया है.
निकाले जाने वाले कर्मचारियों को दो महीने का वेतन मिलेगा.
कंपनी के फैसले से एम्प्लाईज में निराशाा और गुस्सा है.
नई दिल्ली. मुश्किलों से घिरी एडटेक कंपनी बायजू (Byju’s) ने एक बार फिर कर्मचारियों को निकालने (Byju’s Layoffs) का फैसला किया है. कंपनी की एचआर टीम ने बीते 16 जून को ही विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को फोन पर और व्यक्तिगत रूप से बता दिया था कि उनकी सेवाएं समाप्त की जा रही हैं. इस बार मेंटरिंग, लॉजिस्टिक्स, ट्रेनिंग, सेल्स और फाइनेंस विभाग से कर्मचारी निकाले जा रहे हैं. इनकी संख्या 1,000 तक हो सकती है. जिन कर्मचारियों को कंपनी निकालेगी उन्हें दो महीने की सैलरी दी जाएगी और सेवा समाप्ति के 45 दिनों के भीतर उनका फुल एंड फाइनल सेटलमेंट कर दिया जाएगा.
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बार सीनियर कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है. कंपनी के एचआर विभाग ने कर्मचारियों को स्वेच्छा से त्यागपत्र देने की सलाह दी है. जिन कर्मचारियों को निकाला जाना है, उनके आधिकारिक ई-मेल ब्लॉक कर दिए गए हैं और उनसे कंपनी के आईडेंटिटी कार्ड ऑफिस में जमा कराने को कहा गया है. इस पूरे प्रकरण पर बायजू ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. कंपनी के इस फैसले से कर्मचारियों में हताशा और निराशा के साथ ही गुस्सा भी है.
छंटनी न होने का दिया था आश्वासन
एक कर्मचारी ने मनीकंट्रोल को बताया कि कर्मचारियों को 16 जून को बताया गया कि यह उनका आखिरी दिन ऑफिस में है. मीडिया में कंपनी द्वारा छंटनी किए जाने की खबरें छपने के बाद से ही कर्मचारी एचआर से इन खबरों की सत्यता जान रहे थे. उन्हें हर बार यही कहा गया कि कंपनी किसी कर्मचारी को नहीं निकालेगी. एक अन्य कर्मचारी ने बताया, “हर डेवलपमेंट के बाद बायजू रविंद्रन कर्मचारियों को मेल करके आश्वासन देते थे कि कंपनी में छंटनी नहीं होगी. कंपनी बहुत अच्छा काम कर रही है. लेकिन, अक्टूबर के बाद से ही कंपनी दो बार छंटनी कर चुकी है.”
लोन नहीं चुका पा रही कंपनी
बायजू वित्तीय संकट में फंसी है. कंपनी ने टीएलबी से लिए गए लोन का ब्याज न चुकाए जाने पर छंटनी कर रही है. बायजू ने 40 मिलियन डॉलर का ब्याज चुकाने के बजाय न्यूयॉर्क की अदालत में टीएलबी के खिलाफ केस दायर कर दिया, जिसका फैसला अभी नहीं हुआ है. अगर कोर्ट का फैसला बायजू के खिलाफ हो गया तो कंपनी को तुरंत 40 मिलियन डॉलर (करीब 320 करोड़ रुपये) चुकाने होंगे. बायजू 700 मिलियन डॉलर जुटाने के लिए भी जी-तोड़ मेहनत कर रही है, ताकि उसे फौरी वित्तीय राहत मिल सके.
अक्टूबर 2022 में बायजू ने 2500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था. कंपनी का लक्ष्य कर्मचारियों को हटाकर कंपनी को वित्त वर्ष 2023 के अंत तक प्रॉफिट में लाना था. यह टार्गेट हासिल नहीं हुआ. इसके बाद खर्च घटाने को कंपनी ने कुछ कदम उठाए. कंपनी एक ओर जहां कर्मचारियों की छंटनी कर रही है, वहीं दूसरी ओर वह कम पैकेज पर कर्मचारियों की भर्ती भी कर रही है.
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Tags: Business news in hindi, Indian startups, Job, Job loss
FIRST PUBLISHED : June 19, 2023, 19:41 IST






