
राजनांदगांव. भारत की आत्मा गांवों में बसती है. ये कथन नया नहीं है. देश के कई गांव अपने अनोखे रिवाज, परंपरा, सामुदायिक पहल और जागरूकता अभियानों को लेकर चर्चा में रहते हैं. कुछ ऐसा ही किस्सा छत्तीसगढ़ के जिले राजनांदगांव के छोटे से गांव धामनसरा का है. आज जब पूरी दुनिया प्लास्टिक की सामग्री के इस्तेमाल से बचने की कवायद कर रही है. देश और कई राज्यों में प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने को जागरूकता अभियान चल रहे हैं, ऐसे में छत्तीसगढ़ का ये गांव लंबे अर्से से प्लास्टिक विरोध का झंडा बुलंद किए है. यहां के ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अनूठी पहल की है. ग्रामीणों ने अपने गांव में प्लास्टिक की चीजों को बैन कर दिया है. तय किया है कि कोई भी प्लास्टिक की चीजों का इस्तेमाल नहीं करेगा.
राजनांदगांव जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर स्थित है गांव धामनसरा. यहां दो साल पहले प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के विचार को मूर्तरूप देने के लिए अभियान चलाया गया. गांव में प्लास्टिक के गिलास, प्लास्टिक की पत्तल और पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगा हुआ है. क्षेत्र की जनपद सदस्य रोशनी वैष्णव का कहना है कि प्लास्टिक की चीजों से मवेशियों को नुकसान होता है और पर्यावरण भी दूषित होता है. इसे ध्यान में रखते हुए 2 साल पहले यह फैसला लिया गया कि गांव में प्लास्टिक की चीजों पर प्रतिबंध लगेगा.
चंदा करके खरीदे स्टील के बर्तन
धामनसरा गांव में शादी से लेकर मृत्युभोज तक में प्लास्टिक की चीजों पर प्रतिबंध लगा है. ऐसे अवसरों के लिए ग्रामीणों ने पंचायत के सहयोग से आपस में चंदा करके स्टील के बर्तन, जिसमें थाली-ग्लास, कटोरी-चम्मच खरीदे हैं. शादी, मृत्यु भोज या अन्य कार्यक्रमों में यही बर्तन गांव वालों को नि:शुल्क दिए जाते हैं. उपयोग करने के बाद स्टील के बर्तन अच्छी तरह से साफ कर वापस कर दिए जाते हैं.
बुजुर्ग-युवा, सबकी सहमति
ग्रामीणों ने बताया कि जब गांव में प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने का अभियान शुरू किया गया, तो युवाओं और बुजुर्गों ने बैठक की. इसमें सभी की सहमति से गांव में प्लास्टिक का इस्तेमाल रोकने की पहल की गई. यह निर्णय भी लिया गया कि गांव की पंचायत के सहयोग से स्टील के बर्तन खरीदे जाएंगे, ताकि सामूहिक अवसरों या कार्यक्रमों के दौरान आम लोगों को तकलीफ न हो.
आसपास के गांवों में भी कर रहे जागरूक
धामनसरा के रहवासी अब आसपास के ग्रामीणों को भी जागरूक कर रहे हैं, ताकि प्लास्टिक की चीजों का उपयोग बंद हो. आसपास के ग्रामीण भी धामनसरा के लोगों से प्रेरित होकर प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के बारे में विचार कर रहे हैं. अगर अन्य गांवों में भी ऐसा होता है तो यह धामनसरा देश के दूसरे राज्यों के गांवों के लिए भी एक बड़ा उदाहरण बन सकेगा.
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Tags: CG News, Indian Village Stories, Plastic waste, Save environment
FIRST PUBLISHED : June 19, 2023, 18:32 IST






