अद्भुत है दुर्गा शक्ति पीठ मंदिर, 7 नदियों के जल से यहां स्थापित हुई थी मूर्ति


पवन कुमार/रेवाड़ी: भारत की सनातन संस्कृति में मंदिरों का विशेष महत्व है. रेवाड़ी के बारह हजारी में स्थित दुर्गा शक्ति पीठ मंदिर की भी बड़ी मान्यता है. यहां मंदिर में लगे त्रिशूल पर नाल बांधकर भक्त दुर्गा मां से अरदास लगाते हैं. बताते हैं कि वर्ष 1962 में जब इस मंदिर का विस्तार भवन बनाकर माता की मूर्ति की स्थापना की जा रही थी, उस वक्त आंधी और तेज बारिश हुई थी.

तूफान की वजह से मां दुर्गा की मूर्ति को उठाना संभव नहीं हो पा रहा था. वहां मौजूद सभी लोग परेशान थे. इसके बाद किसी ने कहा कि सात नदियों के जल से माता का जलाभिषेक किया जाना जरूरी है. फिर श्रद्धालुओं ने सात नदियों के जल की व्यवस्था की और उससे जलाभिषेक करके माता की मूर्ति की स्थापना की गई.

त्रिशूल पर नाल बांधने का विशेष महत्व
माता के मंदिर में त्रिशूल का भी विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस त्रिशूल पर नाल बांधकर मनोकामना मांगने से पूरी होती है. श्रद्धालु बंड़ी संख्या में यहां नाल बांधकर मन्नते मांगते हैं.

दिल्ली झंडेवालान से लाई जाती है अखंड ज्योति
नवरात्रि में यहां दिल्ली के झंडेवालान मंदिर से अखंड ज्योति लाई जाती है. भक्तों की टोली दिल्ली से अखंड ज्योति और ध्वजा लेकर रेवाड़ी के दुर्गा शक्तिपीठ मंदिर में आती है. शहर के बीच स्थित इस मंदिर में न केवल शहर के बल्कि आसपास से भी भक्त आते हैं और मां के चरणों में अरदास लगाते हैं.

.

FIRST PUBLISHED : June 19, 2023, 17:14 IST

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More