
परमजीत कुमार/देवघर. हिंदू धर्म में भानु सप्तमी का विशेष महत्व है. भानु सप्तमी के दिन भगवान सूर्य की अराधना की जाती है. इस दिन जल में खड़े होकर आदित्य ह्रदय स्रोत का पाठ करने से कई रोग नष्ट होते हैं. झारखंड के देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुदगल बताते हैं कि यह पर्व प्रत्येक वर्ष आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है. इस बार 25 जून को भानु सप्तमी का व्रत रखा जाएगा. भानु सप्तमी के दिन भगवान सूर्य की अराधना करने से त्वचा, पेट और नेत्र रोग से मुक्ति मिलती है.
पंडित नंदकिशोर मुदगल ने न्यूज़ 18 लोकल को बताया कि 25 जून को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को भानु सप्तमी का पर्व मनाया जाएगा. इस साल विशेष संयोग पड़ रहा है. इस पर्व में भगवान भास्कर की आराधना की जाती है. इस बार यह पर्व रविवार को पड़ रहा है. यह दिन भगवान सूर्य का दिन माना जाता है. ऐसे में कहा जा सकता है कि भगवान भास्कर की पूजा के लिए सुखद संयोग बन रहा है. तांबे के पात्र में हल्दी, चंदन, लाल फूल डाल कर भगवान सूर्य को अर्ध्य देने से काफी लाभ होगा.
सूर्य देव के बीज मंत्र का जाप करने से होगा लाभ
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि जिनके शरीर पर श्वेत रंग का दाग है वो भानु सप्तमी के दिन भगवान सूर्य को जल में खड़े हो कर आदित्य हृदय स्रोत का पाठ करें. ऐसा करने से शरीर के श्वेत रंग का दाग निश्चित रूप से समाप्त हो जाएगा.
वहीं, धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव को ताम्रपत्र में चंदन डाल कर अर्ध्य देने से, और उनके निमित्त व्रत आदि करने से व्यक्ति को कई फायदे होते हैं. ऐसा करने से व्यक्ति को त्वचा रोग नहीं होता. साथ ही, पेट रोग और अन्य शारीरिक समस्याएं भी दूर होती हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 19, 2023, 09:21 IST






