इस देश में तीन पटरियों पर चलती है ट्रेन, देखने वाले का घूम जाता है दिमाग, आखिर क्यों होता है यूज

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हाइलाइट्स

यदि एशिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क बात करें.
तो सबसे पहले नंबर पर भारतीय रेलवे का ही नंबर आता है.
दुनिया में भी चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है.

नई दिल्ली. आपने कभी न कभी ट्रेन में सफर जरूर किया होगा. तो जाहिर सी बात है पटरियां भी देखी ही होगी. भारतीय रेलवे दो पटरियों पर ट्रेनों का संचालन करता है. वैसे ज्यादातर देशों में ट्रेनों का संचालन दो पटरियों पर ही किया जाता है. लेकिन आपको बता दें कि दुनिया का एक ऐसा देश भी है, जहां पर तीन पटरियों पर ट्रेनों का संचालन किया जाता है. आज हम आपको दुनिया के इस देश के बारे में बताने जा रहे हैं. साथ ही वहां की ट्रेन से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में भी.

यदि एशिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क बात करें, तो सबसे पहले नंबर पर भारतीय रेलवे का ही नंबर आता है, जो कि दुनिया में भी चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है. रेलवे की ओर से प्रतिदिन 13 हजार से अधिक यात्री ट्रेनों के संचालन किया जाता है, जो कि सात हजार से अधिक रेलवे स्टेशनों से गुजरती हैं.

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किस देश में चलती है तीन पटरियों पर ट्रेन
भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में तीन पटरियों पर ट्रेनों का संचालन किया जाता है. दो पटरियों पर चलने वाली ट्रेन को ब्रॉड गेज कहते बांग्लादेश में ट्रेनों के परिचालन के लिए ड्यूल गेज का इस्तेमाल किया जाता है. इस ट्रैक पर 3 पटरी होती हैं. ऐसा इसलिए, क्योंकि हर रेलवे ट्रैक को गेज के मुताबिक बनाया जाता है और इस वजह से अलग-अलग हिस्सों में पटरियों की चौड़ाई भिन्न-भिन्न होती है. यहां पर बांग्लादेश सरकारा द्वारा रेलवे का संचालन किया जाता है, जिसकी कुल लंबाई 2,855 किलोमीटर है.

तीन पटरियों पर क्यों चलती है ट्रेन
बांग्लादेश में तीन तरह के रेलवे ट्रेक हैं, जिसमें मीटर गेज (Meter Gauge), ब्रॉड गेज (Broad Gauge) और और ड्यूल गेज (Dual Gauge) शामिल है. पहले यहां पर सिर्फ मीटर और ब्रॉड गेज में ट्रेनों का संचालन किया जाता था. हालांकि, समय के साथ साथ ट्रेनों में परिवर्तन होने लगा. ऐसे में बांग्लादेश की ओर से यहां पर पुरानी पटरियों के ट्रैक को बदलना मुनासिब नहीं समझा. क्योंकि, इसे करने के लिए लोकोमोटिव से लेकर कोच में भी परिवर्तन करना पड़ता, जिससे रेलवे पर अधिक बोझ पड़ता. इसको देखते हुए ड्यूल गेज का कांसेप्ट अपनाया गया.

क्या होता है ड्यूल गेज
अब सवाल यह है कि आखिर ड्यूल गेज होता क्या है, तो आपको बता दें कि ड्यूल गेज मीटर गेज और ब्रॉड गेज से बना होता है. ड्यूल रेलवे ट्रैक में दो अलग-अलग गेज की ट्रेन को एक ही ट्रैक पर चलाया जाता है. तीसरा कॉमन गेज होता है. कॉमन गेज अलग-अलग गेज के ट्रेन के लिए काम आता है. बांग्लादेश के अलावा कुछ और देश भी हैं, जो ड्यूल गेज का इस्तेमाल कर रहे हैं.

Tags: Indian railway, Railway Knowledge, Railway News, Railway Station

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Author: Up Head Line

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