गोरखपुर में लावारिस बच्चियों का सहारा बनी ये संस्था, इनका कहना- फेंके नहीं हमें दे दें

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रजत भट्ट/गोरखपुर. गोरखपुर में एक संस्था के द्वारा आश्रय पालना की शुरुआत की गई है. इससे शहर में लावारिस बच्चियों की जान बचाई जाएगी. अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि लावारिस बच्ची कभी झाड़ी में तो कभी नाली के किनारे पड़ी हुई मिलती है. फिर पुलिस को इसकी सूचना दी जाती है लेकिन आश्रय पालना के बेहतरीन शुरुआत से अब इन लावारिस बच्चियों की जान भी बचाई जा रही है.

आश्रय पालना का स्लोगन “फेंके नहीं हमें दे दें” है. इसी के जरिए लावारिस बच्चियों के जान बचाने का काम यह संस्था करती है. संस्था का पूरा नाम मां भगवती विकास संस्थान है इसके संचालक योग गुरु देवेंद्र अग्रवाल है. उन्होने बताया कि पालना की शुरुआत अक्टूबर 2022 में गोरखपुर महिला जिला अस्पताल में की गई थी. पालना के जरिए संस्था लावारिस बच्चियों को पालता है जिनके परिजन अपनी बच्चियों को नहीं पालना चाहते हैं. वह आश्रय पालना में छोड़कर चले जाएं फिर बच्चों की देखरेख संस्था और अस्पताल की जिम्मेदारी होगी.

जिला अस्पताल के सीएमओ आशुतोष दुबे ने बताया पालना एक बहुत शानदार शुरुआत है और जिस संस्था के साथ जुड़कर जिला अस्पताल काम कर रहा है उसने ऐसे और भी कई शुरुआत पहले की हैं. गोरखपुर के जिला अस्पताल में पालना मशीन को लगाया गया है. जिन परिजनों को अपने नवजात बच्चों को नहीं पालना है, वह पालना में बच्चे को छोड़कर चले जाएं, 5 मिनट बाद अलार्म बजेगा और हॉस्पिटल की नर्स आकर बच्चे को ले जाएगी. बच्चे की देखरेख जिला अस्पताल और संस्था की जिम्मेदारी होगी. अब तक अस्पताल में सिर्फ एक बच्ची पालना में रखी गई थी.

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FIRST PUBLISHED : June 15, 2023, 15:58 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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