
हाइलाइट्स
मिथुन संक्रांति के पुण्यकाल में स्नान और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है.
सूर्य की मिथुन संक्रांति का समय: आज, 15 जून, शाम को 06 बजकर 29 मिनट पर.
Mithun Sankranti 2023 Snan Daan Vidhi: सूर्य की मिथुन संक्रांति आज 15 जून को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को है. सूर्य देव जब मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे, वह समय मिथुन संक्रांति क्षण होगा. मिथुन संक्रांति के पुण्यकाल में स्नान और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है, पाप मिटते हैं. सामान्यतया संक्रांति क्षण से 8 घंटे बाद तक स्नान और दान किया जा सकता है. इस बार मिथुन संक्रांति का पुण्यकाल 52 मिनट का ही है. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं मिथुन संक्रांति के पुण्यकाल, स्नान दान और पूजा विधि के बारे में.
मिथुन संक्रांति 2023 मुहूर्त
सूर्य की मिथुन संक्रांति का समय: आज, 15 जून, शाम को 06 बजकर 29 मिनट पर
मिथुन संक्रांति का पुण्यकाल: आज, शाम 06 बजकर 19 मिनट से शाम 07 बजकर 20 मिनट तक
मिथुन संक्रांति का महा पुण्यकाल: आज, शाम 06:19 बजे से शाम 07:20 बजे तक
मिथुन संक्रांति का स्नान दान समय: शाम 06:19 बजे से लेकर शाम 07:20 बजे के मध्य
सुकर्मा योग: आज सूर्योदय से लेकर पूरी रात तक
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मिथुन संक्रांति 2023 स्नान-दान और पूजा विधि
आज पुण्यकाल के समय में आप किसी पवित्र नदी में स्नान कर लें. यदि ऐसा संभव नहीं है तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें. उसके बाद साफ वस्त्र पहन लें. अपने पितरों के लिए जल से तर्पण कर दें. फिर गुड़, लाल वस्त्र, लाल फूल, गेहूं, लाल चंदन आदि का दान अपनी क्षमता के अनुसार करें. ये वस्तुएं सूर्य देव से जुड़ी हुई हैं.
सूर्योदय के समय में सूर्य देव को जल से अर्पित करते हैं. मिथुन संक्रांति का क्षण सूर्यास्त के समय पर हो रहा है, इसलिए आप सूर्य देव की पूजा कर लें. उनके मंत्रों का जाप कर सकते हैं. सूर्य चालीसा, आदित्य हृदय स्तोत्र आदि का पाठ करें. आज पूजा पाठ और दान करने से कुंडली का सूर्य दोष दूर होता है.
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मिथुन संक्रांति का फल
1. यह मिथुन संक्रांति व्यक्ति के धन और समृद्धि को बढ़ाने वाली है.
2. अनाज भंडारण में बढ़ोत्तरी हो सकती है.
3. महंगाई की मार लोगों पर कम होगी क्योंकि वस्तुओं की लागत सामान्य रहेगी.
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Tags: Dharma Aastha, Religion
FIRST PUBLISHED : June 15, 2023, 06:30 IST






