
हाइलाइट्स
अगर आप अपनी बात खुलकर नहीं कर पाते, तो आपके रिश्ते को रेड फ्लैग की जरूरत है.
आपका रोमांटिंग रिलेशनशिप टॉक्सिक है तो बेहतर होगा कि आप इससे बाहर आ जाएं.
Warning Signs In A Relationship: हर इंसान के लिए जरूरी है कि किसी अपने से जुड़ा रहे और उसके साथ सेंस ऑफ कनेक्शन महसूस करे. यह हमारे मेंटल हेल्थ के लिए काफी जरूरी होता है, लेकिन हर रिश्ता ऐसा नहीं होता, जो हमें मजबूती और जुड़ाव महसूस कराए. कई रिश्ते तो इतने टॉक्सिक हो जाते हैं, जो हमारे जीवन को काफी नकारात्मक तरीके से प्रभावित करते हैं. ऐसे रिश्ते को सही समय पर रेड फ्लैग की जरूरत होती है. आइए जानते हैं रिश्ते में रेड फ्लैग के लक्षणों को किस तरह पहचानें.
रिश्ते में रेड फ्लैग क्यों जरूरी?
बेटरअप के मुताबिक, जीवन में खुद के इमोशन की देखभाल करना बहुत जरूरी है. यह काम हमें खुद करना पड़ता है. ऐसे में अगर आपको खुद की खुशी और टॉक्सिक रिश्ते के बीच किसी एक को चुनना पड़े तो समझ जाएं कि अब बदलाव की जरूरत है. तो आइए जानते हैं कि कब समझें कि अब रिश्ते में रेड फ्लैग की जरूरत है.
1. जीवन में कंप्रोमाइज करना चाहिए, लेकिन अगर यह आपके जीवनभर की खुशियों के साथ हो तो समय आ गया है कि आपके रिश्ते को रेड फ्लैग की जरूरत है.
2. आपसी बातचीत रिश्ते को हेल्दी रखने का जरिया है, लेकिन अगर आप अपने मन की बात खुलकर शेयर नहीं कर पाते, तो आपके रिश्ते को रेड फ्लैग की जरूरत है.
3. अगर आप अपने पार्टनर को खुश रखने के कारण खुद के साथ ऑनेस्ट नहीं रह गए हैं और खुद को झूठा दिलासा देते रहते हैं तो यह आपके जीवन का सबसे चैलेंजिंग काम हो सकता है, ऐसा करने से बचें.
4. अपने परिवार और दोस्तों से रीकनेक्ट हों. अगर आपका रोमांटिंग रिलेशनशिप टॉक्सिक है तो बेहतर होगा कि आप इससे बाहर खुद को निकालें और नई शुरुआत करें.
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कब आती है रेड फ्लैग की नौबत?
कंट्रोल करने वाला बर्ताव- पार्टनर से हर वक्त नियंत्रित होने जैसा महसूस होना.
विश्वास की कमी– एक दूसरे पर भरोसा ना करना, एक दूसरे के साथ जालसाजी करना.
हर वक्त नीचा दिखाना– किसी भी काम के लिए मोटिवेट करने के बजाय नीचा दिखाना.
अपमानजनक व्यवहार– बातचीत के दौरान आपमानजनक या गलत व्यवहार करना.
हर वक्त आलोचना– पार्टनर अगर हर वक्त आलोचना करता है और नकारात्मक टिप्पणियां करे.
दोस्तों और परिवार से मिसबिहेव– पार्टनर अगर दोस्तों और परिवार से अलग करने का प्रयास करे.
भावनात्मक शारीरिक हिंसा– अगर आप शारीरिक या मानसिक तौर पर हिंसा का सामना कर रहे हैं या मारपीट या अपमानजनक भाषा झेल रहे हैं.
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ईर्ष्या की भावना– अगर आपका पार्टनर आपसे ईर्ष्या, स्वामित्व जैसा व्यवहार करता है.
धमकी देना– अगर पार्टनर बार बार चीजों को लेकर धमकी भरी बातें करता है और डराता है.
संवाद की कमी– आपके बीच खुदकर बातचीत नहीं होती और समस्याओं में मदद से इनकार करता है.
एकतरफा निर्णय लेना– बिना किसी मशवरे के या आपको बिना बताए ही एकतरफा निर्णय लेना.
विश्वासघात–अगर आपका पार्टनर आपके साथ विश्वासघात करता है और माफी तक नहीं मानता.
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Tags: Lifestyle, Relationship
FIRST PUBLISHED : June 15, 2023, 06:33 IST






