
आदित्य आनंद/गोड्डा. गोड्डा कि ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग सतरंगी दर्जन के हिसाब से मिलने वाली वाली चूड़ी खूब पसंद करते है. आधुनिक युग में जहां एक और महिलाएं बाजारों में अलग-अलग प्रकार की डिज़ाइनर चूड़ियां पहनना पसंद करती हैं. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी महिलाएं चूड़ी वाले से प्लेन सतरंगी चूड़ियां खरीद कर पहनना अधिक पसंद करती हैं. गोड्डा के असनबनी के रहने वाले मो. शाहिद इकबाल पिछले 25 वर्षों से गोड्डा के ग्रामीण क्षेत्रों में घूम-घूम कर चूड़ियां बेचते आ रहे है .
शाहिद बताते हैं कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं हमारे इन चूड़ियों को खूब पसंद करती हैं और गांव में प्रवेश करते ही महिलाएं रंग बिरंगी चूड़ियां लेने के लिए उनकी साइकिल के चारों ओर भीड़ लगा देती है. वह चूड़िया ₹20 दर्जन के दर बेचते हैं. वहीं, दिनभर में करीब हजार रुपए की दुकानदारी कर लेते हैं. इनके पास चूड़ी के अलावा श्रृंगार के भी सामान मिलते हैं. जिसमें चार पीस के सेट वाली डिजाइनर चूड़ियां, संखा चूड़ी, पोला, ब्रेसलेट और बच्चों की चूड़ियां शामिल है.
चूड़िया ₹20 दर्जन
बता दें कि जिले में अब घूम-घूम कर चुड़ियां बेचने वाले अब कम ही लोग बचे हैं. जो इस प्रकार की सतरंगी चूड़ी बेचते है. उनमें से शाहिद गोड्डा के ग्रामीण इलाकों में चूड़ी वाले के नाम से खूब मशहूर है. वहीं शाहिद बताते है कि वह जिले भर के सबसे पुराने चूड़ी विक्रेता है. वह अपने ग्राहकों को उधार भी चूड़ी देते है.वह बेचने के लिए सारा सामान देवघर से खरीद कर लेते है और गोड्डा के साथ-साथ गोड्डा से सटे बिहार के बांका जिले के कई इलाकों में भी घूम-घूम कर बेचते है और रोजाना 50 से 100 किलोमीटर साइकिल चलते है.
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FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 19:53 IST






