Nagaur : यहां कैर के वृक्ष पर लाल नहीं बल्कि आते हैं पीले फूल, जानिए क्या है इन फूलों का रहस्य

कृष्ण कुमार/ नागौर. कहते हैं कि चमत्कार को नमस्कार है. ऐसा ही नागौर के गिरावंडी खेड़ा में देखने को मिलता है. क्योंकि इस जगह पर कैर वृक्ष के पीले फूल लगे हुऐ है. अगर आपको को ऐसा कहे कि पीले रंग के फूूल कैर के वृक्ष पर लगे हुऐ हैं तो आप विश्वास नहीं करोगे. क्योंकि राजस्थान और गुजरात में पाई जाने वाले कैर वृक्ष की प्रजाति में हमेशा लाल रंग के फूल लगते है. लेकिन राजस्थान के नागौर जिले के छोटे से गांव में कैर वृक्ष के पीले फूल लगे हुऐ है जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. आइए जानते है आखिर क्या है इसका रहस्य.

दरअसल आज से 750 वर्ष पूर्व देवाराम जाजड़ा के द्वारा गिरावंडी खेड़ा में नाहरसिंह भोमियाजी के थान (स्थान) की स्थापना की. वहां पर कैर के वृक्ष लगे हुऐ थे. जिस पर लाल फूल लगे हुऐ थे. यहां के भोपाजी (मंदिर पुजारी) सीताराम ने बताया कि यहां नाहरसिंह भेमिया का स्थान बना हुआ है. राजस्थान में केवल इसी थान के आसपास कैर के वृक्ष के पीले फूल है. नाहरसिंह भोमिया के स्थान को लेकर लोगों की अनेक मान्यता है. यहां पर पुजारी ने बताया कि नाहरसिंह भोमिया की परिक्रमा देने से भूत प्रेत, पेशाब से संबंधित समस्या और पेट व शरीर की काफी बीमारियों से राहत मिलती है. वहीं ग्रामीणों का मानना है कि शादी के बाद दुल्हा व दुल्हन को यहां पर परिक्रमा देनी होती है और यहां पर संतान प्राप्ति को मनोकामना पूर्ण होती है.

नाहरसिंह भोमिया के स्थान के आसपास लगे पीले फूलों को देखने पर लोगों को आंखों देखा विश्वास नहीं होता है. क्योंकि जहां पर भी कैर प्रजाति पाई जाती है वहां पर लाल फूल ही पाये जाते है. इस स्थान की खास बात है कि यहां पर थान से मात्र 15 फीट की दूरी पर लगे कैर वृक्ष के लाल फूल है. इस स्थान पर खास चमत्कार एक और देखने को मिलता है कि कोई भी व्यक्ति नाहरसिंह भोमिया के स्थान से अगर एक रुपये का सिक्का उठा ले तो वो सिक्का वहां पर अपने आप पुन: मिल जाता है.

न्यूज 18 इसकी पुष्टि नहीं करता है क्योंकि यह धार्मिक मान्यताओ से जुड़ा हुआ मुद्दा है. बल्कि इस बात की पुष्टि करता है कैर के वृक्ष के पीले फूल लगे हुऐ है. ग्रामीण व पुजारी के बताए अनुसार वहां पर नाहरसिंह भोमिया की वजह से पीले फूल लगे हुऐ है.

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FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 20:42 IST

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Author: Jagran Times

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