
मोहित शर्मा/ करौली. गर्मी के मौसम में हर व्यक्ति हल्के खाने के साथ अधिक से अधिक पेय और ठंडक वाले पदार्थ पीने की इच्छा रखता है. इस मौसम के दौरान पड़ने वाली भीषण गर्मी में लोग बचने के लिए विभिन्न प्रकार के जूस और ठंडा पीते हैं. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे साधारण से आटे के बारे में बताने जा रहें हैं. जिसका इस मौसम में सेवन आपको बहुत ज्यादा मात्रा में ठंडक देने के साथ-साथ कई बड़ी समस्याओं में भी रामबाण इलाज का काम करेगा. सत्तू के नाम से जाने जाना वाला यह गेहूं, चना और जौ का मिश्रित आटा इस मौसम में हल्का होने के साथ-साथ इसका एक गिलास शरबत चार चपातीयों के बराबर काम करता है. तो आइए जानते हैं इस साधारण से आटे सत्तू के कई फायदे.
सबसे खास बात यह है कि इस साधारण से दिखने वाले आटे का उपयोग धार्मिक नगरी करौली में गर्मी की दस्तक के साथ ही ठाकुर जी को भी गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए इसका नियमित सेवन कराया जाता है.
तीन प्रकार के धान्यों से होता है यह तैयार
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. उमेश शर्मा के मुताबिक देखने में साधारण सा लगने वाला, सत्तू का आटा 3 धान्यों से मिलकर तैयार होता है. यह आटा गेहूं, चना और जौ के दानों को भूनकर बनाया जाता है. सत्तू प्रोटीन का भी बेहतरीन स्रोत होता है. इसमें प्रोटीन की मात्रा आर्टिफिशियल ना होकर के बल्कि प्राकृतिक तौर पर पाई जाती है. आयुर्वेद में इसके विशेष फायदे इसकी ठंडी तासीर के बताए गए. जो गर्मी के मौसम में लू लगने से काफी मात्रा में भी बचाता है. इसके साथ ही सत्तू में फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाई जाती है.
गर्मी में इसके सेवन से नहीं आती है पानी की कमी
आयुर्वेदिक चिकित्सक ने बताया कि गर्मियों के मौसम में प्यास सबसे अधिक लगती है. लेकिन यदि कोई व्यक्ति इस मौसम में नियमित सत्तू का सेवन करता है तो उसके शरीर में पानी की कमी नहीं आती है. यदि हार्ड वर्कर मजदूर भी हार्ड वर्क करने के बाद एक गिलास सत्तू पी लेता हैं तो वह एक गिलास सत्तू उसकी पूरे दिन की बेस्ट एलर्जी की भी पूर्ति कर देता है.
4 रोटियों के बराबर होता है इसका एक गिलास
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ उमेश शर्मा का कहना है कि गर्मियों के दिनों में ठंडक के लिए सत्तू सेहत और स्वास्थ्य के लिए सबसे बढ़िया चीज है. यह हल्का भोजन होने के साथ-साथ इसका एक गिलास चार रोटियों के बराबर होता है.
कई बीमारियों में है इसका सेवन लाभदायक
साधारण से दिखने वाले आटे, सत्तू में कार्बोहाइड्रेट और वसा नहीं होने के कारण यह रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों के भी प्रभाव को कम करता है. इसमें वसा बिल्कुल नहीं होने के कारण यह वजन घटाने में भी मदद करता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ उमेश शर्मा के मुताबिक सत्तू में फाइबर की मात्रा प्रचुर मात्रा में होने के कारण यह मल निष्कासन तो आसानी से कर ही देता है. उसके साथ ही यह कई पेट की तकलीफों के लिए भी फायदेमंद होता है. गर्मियों में इसका नियमित सेवन करने से पेट को ठंडक प्रदान होती है.
ऐसे कर सकते हैं सत्तू का सेवन
आयुर्वेदिक चिकित्सक के अनुसार गर्मी के मौसम में सत्तू का उपयोग एक गिलास पानी लेकर और उसमें दो चम्मच सत्तू का आटा व दो चम्मच चीनी मिलाकर. फिर अच्छी तरह उसका घोल बनाकर सत्तू का सेवन कर सकते हैं. यदि आप इस मौसम में सत्तू का सेवन सुबह ही करते हैं तो यह बाहर जाने पर आपको डिहाइड्रेशन की समस्या से भी बचाने में भी कारागार होगा.
डायबिटीज के रोगी भी कर सकते हैं इसका उपयोग
सामान्य लोगों के अलावा डायबिटीज के मरीज भी गर्मी के मौसम में सत्तू का उपयोग कर सकते हैं. लेकिन इसके लिए उन्हें कुछ सावधानियां बरतनी होंगी. उन्हें गर्मी के मौसम में सत्तू के सेवन के लिए सत्तू के पानी में थोड़ा सा नमक, सूखा पुदीना और पका हुआ जीरा मिलाकर पीने से डायबिटीज का प्रभाव कम होने के साथ शरीर को भी ठंडक मिल सकेगी.
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FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 20:21 IST






