
हाइलाइट्स
अमीर लोगों के देश से जाने के मामले में चीन पहले नंबर पर हैं.
भारत का नाम इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर है.
इंग्लैंड तीसरे और रूस चौथे पायदान पर है.
नई दिल्ली. साल 2017 के बाद से ही चीन के हालात ठीक नहीं है. व्यापार के लिहाज से तो बिल्कुल भी नहीं. सरकार की कारोबारियों पर अत्यधिक सख्ती और सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था से चीन के करोड़पति नागरिकों की सांसें उखड़ी हुई हैं. उन्हें जब भी मौका लग रहा है, वे चीन छोड़कर दूसरे देशों में बस रहे हैं. इस बात की पुष्टि हेनले प्राइवेट वेल्थ माइग्रेशन रिपोर्ट 2023 (Henley Private Wealth Migration Report 2023) से होती है. रिपोर्ट कहती है कि करोड़पति नागरिकों के देश छोड़ने के मामले में चीन पहले नंबर पर है. साल 2023 में चीन के 13,500 करोड़पति नागरिकों ने देश छोड़ दिया. ये नागरिक अपने साथ करीब 82,00,000 रुपये भी ले गए हैं.
वहीं, अगर हम भारत की बात करें तो इस अवधि में भारत से दूसरे देश में बसने वाले करोड़पति नागरिकों की संख्या चीन से आधे से भी कम है. साल 2023 में भारत के 6500 करोड़पति देश छोड़कर दूसरे देश में जाकर बस गए. हालांकि, यह संख्या साल 2022 की तुलना में 1,000 कम है. हेनले प्राइवेट वेल्थ माइग्रेशन रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल यानी 2022 में 7,500 करोड़पति भारतीयों ने देश छोड़ कही और बसने का फैसला किया था.
इंग्लैंडवासियों का भी हो रहा है मोहभंग
ऐसा नहीं है कि केवल विकासशील देशों के ही हाई नेट वर्थ वाले व्यक्ति ही अपना देश छोड़कर दूसरे देश में बस रहे हैं. ब्रिटेन का नाम हेनले प्राइवेट वेल्थ माइग्रेशन रिपोर्ट में तीसरे नंबर पर है. चीन और भारत के बाद सबसे ज्यादा ब्रिटिश करोड़पतियों ने अपना देश छोड़ा है. ब्रिटेन के देश छोड़ने वाले करोड़पतियों की संख्या साल 2023 में 3,200 रही है.
रूस का हाल
यूक्रेन युद्ध और आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद देश छोड़ने वाले करोड़पति रूसी नागरिकों ज्यादा उछाल नहीं है जिसकी अपेक्षा की जा रही थी. साल 2023 में 3,000 करोड़पति नागरिकों ने ही रूस छोड़ा और इस तरह वह करोड़पति नागरिक खोने वाली लिस्ट में चौथे स्थान पर है.
करोड़पति भारत क्यों छोड़ रहे हैं?
हेनले एंड पार्टनर्स में निजी ग्राहकों के समूह प्रमुख डोमिनिक वोलेक ने कहा, ”हालिया और लगातार उथल-पुथल एक बड़ा कारण है. ज्यादातर निवेशक परिवार की सुरक्षा, शिक्षा, हेल्थ सर्विस, जलवायु परिवर्तन और यहां तक कि क्रिप्टो फ्रेंडली माहौल जैसे कारणों को लेकर किसी और देश में बसने पर विचार कर रहे हैं.” रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में ज्यादा टैक्स और आउटबाउंड रेमिटेंस (remittances) से संबंधित जैसे कई कारण करोड़पति भारतीयों को दूसरे देश में बसने को मजबूर कर रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, दुबई और सिंगापुर अमीर भारतीय परिवारों की बसने के लिए पहली पसंद है.
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Tags: Business news in hindi, China news, Millionaire outflow
FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 17:46 IST






