
आशुतोष तिवारी/रीवा: आम की खेती के लिए रीवा काफी मशहूर है. विश्व प्रसिद्ध सुंदरजा आम को GI टैग मिलने के बाद रीवा के आम की डिमांड दुनिया भर में काफी बढ़ी है. लेकिन रीवा में एक बगीचा न सिर्फ सुंदरजा आम के लिए मशहूर है, बल्कि यहां आम की 237 किस्मों का उत्पादन किया जाता है. इतना ही नहीं 60 एकड़ के इस बगीचे में आम के 2345 पेड़ हैं.
यह बगीचा रीवा शहर के बिछिया में फल अनुसंधान केंद्र कुठुलिया में स्थित है, जहां दुनिया की कई वैरायटी वाले आम का बागान है. यहां सुंदरजा, लगड़ा, हाफुस, करेला, खिरामां आम के अलावा अमेरिका के फ्लोरिडा शहर केइरविन व सेंसेशन (कलरफुल) विदेशी वैरायटी वाले आम का उत्पादन भी किया जाता है. यहां से आम विदेशों में भी एक्सपोर्ट होते हैं.
दशहरी, चौसा, आम्रपाली के साथ-साथ ही कई राजा-महाराजाओं के नाम पर यहां आम की किस्में मौजूद हैं और उनकी खेती भी की जाती है. मई के माह में ही फल पकना शुरू हो चुके हैं, जिसमे बंबई, बाम्बे ग्रीन, इन्द्रहा, दईहर भी शामिल है. यहां उगाए जाने वाले आम की हर एक प्रजाति की कुछ न कुछ विशेष खासियत है. लोग इनके स्वाद के दीवाने हैं.
यहा बसी है आमों की दुनिया
इस बाग के आम अप्रैल लास्ट से पकने शुरू हो जाते हैं और फिर अगस्त माह तक पकते रहते हैं. साथ ही बागान में साबौर का महमूद बहार, प्रभाशंकर, गोवा का सिंधु, रत्ना व नीलम हाइब्रिड आम भी मौजूद हैं. यह बगीचा 60 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में फैला हुआ है, जहां फल अनुसंधान परियोजना अंतर्गत 2345 आम के पेड़ लगाए गए हैं. आम का सीजन शुरू होते ही इस बगीचे में जिस ओर नजर घुमाओ आम ही आम दिखाई देता है. यह बगीचा देखकर ऐसा लगता है कि मानो आम की दुनिया में आ गए हो. स्वाद और गुणों के हिसाब से सभी आम एक दूसरे से अलग हैं.
.
Tags: Food 18, Local18, Mp news, Rewa News
FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 16:48 IST






