
वॉशिंगटन. भारत-अमेरिका संबंधों को भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने एक ऐसी भागीदारी बताया है, जो और देखने को नहीं मिलेगी. उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास आवश्यक पूंजी और प्रौद्योगिकी है जबकि भारत के पास पैमाना और प्रतिभा दोनों है, जिसकी वजह से कोई भी इनपर दांव लगा सकता है.
संधू ने अमेरिका भारत व्यापार परिषद के सालाना भारत विचार शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा, “भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक ‘टैगलाइन’, जो मुझे सबसे अधिक पसंद है, वह है ‘ऐसी भागीदारी, जो और देखने को नहीं मिलेगी.’ आप सोच सकते हैं कि अच्छे राजनयिक हर रिश्ते के बारे में यही कहते हैं. मेरा विश्वास करें: यह अद्वितीय है.”
उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास आवश्यक पूंजी और प्रौद्योगिकी है, जबकि हम पैमाने और प्रतिभा दोनों की पेशकश करते हैं. यह ऐसा ‘स्टॉक’ है जिसपर कोई भी दांव लगा सकता है.
पिछले छह महीनों में द्विपक्षीय गतिविधियों में काफी सुगबुगाहट रही है. संधू ने कहा, ‘आप कोई भी दिन लें, अमेरिका में भारत का एक प्रतिनिधिमंडल है या भारत में कोई अमेरिकी गया हुआ है. यहां तक कि जब मैं यह बात बोल रहा हूं, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जैक सुलिवन नई दिल्ली में हैं.’
संधू का यह बयान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिकी यात्रा से ठीक पहले आया है. राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 21 से 24 जून तक अमेरिका की यात्रा पर रहेंगे. इस दौरान, वह कांग्रेस के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे.
इससे एक दिन पहले ही अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने भारत-अमेरिका साझेदारी को और तेजी से बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा था कि दोनों देशों के संबंधों की वास्तविक क्षमता को सामने लाने का ‘सबसे अहम जरिया’ प्रौद्योगिकी ही है. उन्होंने कहा था, ‘प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हमारे बीच काफी तालमेल है. यह उतनी ही रणनीतिक है जितनी वाणिज्यिक.’
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FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 15:57 IST






