
हाइलाइट्स
अमेरिका के 97 प्रतिशत लोगों के खून में किसी न किसी तरह से यह हानिकारक केमिकल मौजूद है.
यहां तक कि यह डीएनए को डैमेज कर सकता है
Chemical in Fabrics Damage Liver: रोजाना के जीवन में हम कई ऐसी चीजों का इस्तेमाल करते हैं जो फैक्ट्रियों में बनती हैं. चाहे वह तन ढकने के लिए कपड़े हो या खाना बनाने के लिए बर्तन, इन चीजों को बनाने में कई रॉ मैटेरियल की जरूरत होती है और कई स्तरों पर इनमें सैकड़ों तरह के केमिकल मिलाए जाते हैं. बिना केमिकल के इन चीजों का बनना मुश्किल है. हर देश में इसकी मात्रा तय है लेकिन कंपनियों नियमों की अनदेखी कर तय सीमा से अधिक केमिकल का इस्तेमाल करते हैं जिससे कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया ने ऐसी ही रोजाना की जरूरतों वाले कुछ सामनों के अंदरुनी परत का परीक्षण किया तो चौंकाने वाले परिणाम सामने आए. परीक्षण में पाया गया कि कपड़ों से लेकर फ्राइंग पैन में हानिकारक जहरीले रसायन का इस्तेमाल किया गया है लेकिन कंपनियां इस बात को आसानी से छुपा लेती है.
पीरियड अंडरवियर में भी हानिकारक केमिकल
हमारे लिए चिंता की बात यह है कि जब अमेरिका जैसे संपन्न देशों में कपड़ों और बर्तनों में हानिकारक टॉक्सिन मिले हैं तो हमारे देश में ऐसा न हो, इसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. ग्लोबल डायबेट्स कम्युनिटी की वेबसाइट के मुताबिक अध्ययन में पाया गया कि इन चीजों में पर एंड पोलीफ्लूरिनेटेड सब्सटांसेज (पीएफएएस) की मात्रा बहुत अधिक थी. पीएफएएस बेहद हानिकारक केमिकल है. अध्ययन के मुताबिक पीएफएएस का सीधा संबंध लिवर से है. यह हानिकारक मैटेरियल लिवर को बड़ा कर देता है. इसके अलावा यह प्वाइजनस होता है और गर्भ में पल रहे बच्चे में विकार पैदा करता है. हैरानी की बात यह है कि इतने सारे हानिकारक प्रभाव के बावजूद कंपनियों इस बात को छुपा लेती है कि इन चीजों में इतने जहरीले रसायन होते हैं. पीएफएएस केमिकल कई चीजों में मिला रहता है. पीरियड अंडरवियर, बर्तन, पैन, कार्पेट, बच्चों के खिलौने, फैब्रिक्स, पैंट इत्यादि में इस केमिकल को मिलाया जाता है.
प्रेग्नेंट महिलाओं के पेट में पल रहे बच्चे को नुकसान
आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका के 97 प्रतिशत लोगों के खून में किसी न किसी तरह से यह हानिकारक केमिकल मौजूद है. जब एक बार यह खून में पहुंच जाता है तब पीएफएएस केमिकल शरीर के मुख्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है. यहां तक कि यह डीएनए को डैमेज कर सकता है जिसके कारण कैंसर भी सकता है. एक्सपर्ट का कहना है कि पीएफएएस को बेहद सावधानी से डील करने की जरूरत है. हर हाल में इस केमिकल को स्किन के संपर्क में आने से रोकना है. अध्ययन में यह भी पाया गया कि इस हानिकारक केमिकल की फैक्ट्री में जितने लोग काम करते हैं, उनमें हमेशा कई बीमारियों का खतरा बना रहता है. यहां तक प्रेग्नेंट महिलाओं ने जो बच्चे पैदा किए उनमें से कुछ महिलाओं के बच्चों में जन्मजात विकार पाया गया.
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Tags: Health, Health tips, Lifestyle
FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 15:28 IST






