
परमजीत कुमार/देवघर. आसाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गुप्त नवरात्रि मनाई जाएगी. इस नवरात्रि में तंत्र साधना की जाती है. इस दौरान 9 दिन में देवी के 9 रूपों की पूजा होती है. प्रतिपदा से नवमी तक देवी को विशेष भोग लगाने और उस भोग को गरीबों में दान करने से सारी मनोकामना पूर्ण होती है. ये बातें बैद्यनाथधाम के ज्योतिषाचार्य पंडित नन्द किशोर मुदगल ने कहीं.
ज्योतिषाचार्य पंडित नन्द किशोर मुदगल के मुताबिक, आसाढ़ महीने की गुप्त नवरात्रि 19 जून से शुरू हो रही है. नौ दिन के इस अनुष्ठान में भक्तों को चाहिए कि वे देवियों को विशेष भोग लगाएं और उस भोग को गरीबों में दान करें. इससे सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही शारीरिक कष्ट से मुक्ति मिलती है. इन नौ दिनों में देवियों को अलग अलग फूलों की माला भी अर्पण करनी चाहिए.
पहले दिन शैलपुत्री की पूजा: गुप्त नवरात्रि के पहला दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है. इस दिन घी से बनी मिठाई का भोग लगाएं और गरीबों में दान करें. इसके साथ ही कनेल फूल की माला माता को अर्पित करें. इससे शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलेगी.
दूसरे दिन माता ब्राह्मचारनी की पूजा: गुप्त नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्राह्मचारनी की पूजा की जाती है. इस दिन शक्कर से बने प्रसाद का भोग लगाएं. साथ ही गरीबों को दान करें. पूजा में बेली फूलो से बनी माला अर्पण करें. इससे दीर्घायु होते हैं.
तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की पूजा: गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. इस दिन माता को दूध चढ़ाये और गरीब को दान करें. हर्श्रृंगार फूलो की माला अर्पण करें. इससे सभी प्रकार के दुखों से मुक्ति मिलती है.
चौथे दिन माता कूष्मांडा की पूजा: गुप्त नवरात्रि के चौथे दिन माता कूष्मांडा की पूजा की जाती है. इस दिन मालपुए का भोग लगाकर गरीबों में दान करें. इसके साथ ही इस दिन माता को उड़हुल फूल की माला अर्पित करें. इससे सारी बाधाओं से मुक्ति मिलती है.
पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा: गुप्त नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है. इस दिन केला का भोग लगाएं और भोग को गरीबों में दान करें. इसके साथ ही इस दिन बेला के फूलों की माला माता को अर्पित करें. इससे घर में सुख-शान्ति बनी रहती है.
छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा: गुप्त नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है. इस दिन शहद का भोग लगाएं. इसके साथ ही इस दिन लाल वस्त्र पहनकर उड़हुल फूल की माला माता को अर्पित करें. इससे धन संबंधी समस्या का निराकरण होता है.
सातवें दिन माता कालरात्रि की पूजा: गुप्त नवरात्रि के सातवें दिन माता कालरात्रि की पूजा की जाती है. इस दिन गुड़ से बने प्रसाद का भोग लगाएं. उस प्रसाद को गरीबों में दान करें. इसके साथ ही इस दिन बेलपत्र और अपराजिता फूलों की माला माता को अर्पित करें. इससे गरीबी दूर होती है.
आठवें दिन माता महागौरी की पूजा: गुप्त नवरात्रि के आठवें दिन माता महागौरी की पूजा की जाती है. इस दिन नारियल का भोग लगाएं और नारियल गरीबों में दान करें. इसके साथ ही इस दिन उड़हुल और बेला की माला अर्पित करें. इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
नौवें दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा: गुप्त नवरात्रि के नौवें और अंतिम दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. इस दिन दूध से बनी खीर या साबूदाने का प्रसाद भोग लगाएं. यह प्रसाद गरीब में दान करें. इसके साथ ही इस दिन गेंदा फूल और अपराजिता फूल से बनी माला अर्पित करें. इससे सारी मनोकामना पूर्ण हो जाएगी.
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FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 14:50 IST






