बेटे की शादी का संजोया था ख्वाब, मौत ने 11 दिन पहले छीन ली पिता की सांसें, सदमे में आया दूल्हा

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उसके बाद शंकरलाल ने नाथद्वारा, खमनोर, हल्दीघाटी और पुलिस कंट्रोल रूम में अपनी सेवाएं दीं. फिर उनका तबादला उदयपुर हो गया. वहां वे सायरा, पहाड़ा, बेकरिया और झाड़ोल थानों में रहे.

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Author: Jagran Times

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