
रामकुमार नायक/महासमुंद. सनातन परंपरा में कोई भी शुभ कार्य करने से पहले ज्योतिष शास्त्र और पंचांग के माध्यम से शुभ मुहूर्त देखा जाता है. मांगलिक कार्यों के लिए 23 जून आखिरी मुहूर्त है. इसके बाद एक बार फिर मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा. लोगों के पास अब शादी व अन्य शुभ कार्यों के लिए 23 जून तक समय है. यह बात महासमुंद के ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज शुक्ला ने कही.
ज्योतिषाचार्य मनोज शुक्ला ने बताया कि मांगलिक कार्यों को लेकर ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचांगकर्ता विभिन्न तरह के नक्षत्र तिथि इत्यादि के अनुकूल मुहूर्त देखकर उनकी गणना करके पंचांग में बताते हैं. हमारे छत्तीसगढ़ की बहुत प्राचीन पंचांग श्रीदेव पंचांग के अनुसार मांगलिक कार्यों के लिए 23 जून इस बार आखिरी मुहूर्त है. उसके बाद चौमासा लगने वाला है.
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस बार श्रावण मास दो बार पड़ रहा है. पुरुषोत्तम मास है. उसके पहले जो देवशयनी एकादशी आती है उस तारीख से लेकर के मांगलिक कार्यों में विराम लग जाता है. इस बार आषाढ़ शुक्ल एकादशी जिसको हम देवशयनी एकादशी कहते हैं वह 29 जून को है उस तारीख से चौमासा प्रारंभ हो जाएगा जो दीपावली के बाद मनाई जाने वाली देवउठनी एकादशी के पहले तक रहेगा. इस बीच मांगलिक कार्य बंद रहेंगे. उसके बाद फिर मांगलिक कार्य शुरू होंगे.
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FIRST PUBLISHED : June 14, 2023, 11:45 IST






