
पीयूष पाठक/अलवर. आज के दौर में युवाओं के बीच फ्लेवर्ड हुक्का पीने का ट्रेंड है. लेकिन, फ्लेवर हुक्के का सेवन कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इससे वो अनजान हैं. फ्लेवर्ड हुक्का पीने से कहीं ना कहीं व्यक्ति के शरीर पर काफी असर पड़ता है. चाहे फ्लेवर वाला हुक्का बिना मादक पदार्थ वाला ही क्यों ना हो, मगर फिर भी इसमें टोबैको यानी तंबाकू की मात्रा होती है. इसके चलते युवाओं को यह काफी पसंद आता है और वो इसके आदी हो रहाे हैं. राजस्थान के अलवर के सामान्य अस्पताल में बढ़ रहे कैंसर मरीजों में टोबैको की लत देखी जा रही है. इसकी वजह से उन्हें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो रही है.
अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. सुखबीर सिंह तंवर ने बताया कि आजकल के युवाओं में फ्लेवर्ड हुक्का का चलन बढ़ रहा है. वो इसका ज्यादा सेवन कर रहे हैं. इससे व्यक्ति को घातक बीमारी हो सकती है. क्योंकि फ्लेवर हुक्का में भी कहीं ना कहीं तंबाकू की मात्रा रहती है. यह नहीं कहा जा सकता कि फ्लेवर्ड हुक्का है तो इसमें कोई ऐसी चीज नहीं है जो सेहत के लिए हानिकारक है. फ्लेवर्ड हुक्का में ऐसे इनग्रीडिएंट होते हैं जिनमें कुछ न कुछ तंबाकू होता है. इसके सेवन से कैंसर होने का खतरा बना रहता है. यह भी कैंसर के लिए उतना ही जिम्मेदार है जितना कि स्मोकिंग और तंबाकू से बनी अन्य चीजें हैं.
इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का भी बढ़ रहा चलन
डॉ. सुखबीर ने बताया कि युवाओं में फ्लेवर्ड हुक्का के अलावा इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट भी चलन में है. इग्निशन के कारण सिगरेट जलती है और उससे धुआं उठता है. इसका भी युवाओं पर दुष्प्रभाव पड़ता है. यह सेहत के लिए हानिकारक हैं. युवाओं को अपने सेहत पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि वो भविष्य में कैंसर या किसी अन्य तरह की बीमारी का सामना ना करें, और स्वस्थ रहें.
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FIRST PUBLISHED : June 13, 2023, 16:30 IST






