
संजय यादव/ बाराबंकी. पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने गर्मी को देखते हुए अलर्ट जारी किया है. ऐसे में इस गर्मी में छोटे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. बदलते मौसम में सबसे ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग बीमार होते हैं. लू लगने के चलते बच्चे डायरिया, तेज बुखार और बाकी रोगों से पीड़ित हो रहे हैं. ऐसे में इन दिनों बाराबंकी के सरकारी अस्पताल समेत बाकी प्राइवेट हॉस्पिटलों की ओपीडी में मरीजों की लाइन लगी है. डायरिया और बुखार से पीड़ित बच्चे गंभीर हालत में इमरजेंसी में भर्ती हो रहे हैं. ऐसे में डाक्टरों के मुताबिक छोटे बच्चे और बुजुर्गों का इस मौसम में खास ख्याल रखना चाहिए.
बाराबंकी में आहूजा नर्सिंग होम के वरिष्ठ पीडियाट्रिशियन डाक्टर रवि आहूजा ने बताया कि गर्मी के दिनों में डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या अधिक बढ़ जाती है. फिलहाल इस समय नवजात शिशु और 15 साल से कम उम्र के बच्चे ओपीडी में अधिक आ रहे हैं. कुछ मरीज ऐसे हैं जिन्हें उल्टी-दस्त पिछले कई दिनों से हो रहे थे, लेकिन समय पर अस्पताल में नहीं दिखाने के चलते उनकी हालत गंभीर हो जाती है. वहीं इन दिनों बच्चों में तेज बुखार की भी शिकायत आ रही है. बुखार तेज होने पर दिमाग पर चढ़ जाता है जिससे बच्चों को झटका भी आने लगता है. ऐसे में बुखार आने पर हमें बच्चों को गीले कपड़े से पोछना चाहिये. इसके अलावा तेज धूप में बच्चों को लेकर नहीं निकलना चाहिए.
बदलते मौसम में रखें बच्चों का ख्याल
डा. आहूजा के मुताबिक मौसम में जब परिवर्तन होता है तो बच्चों को सर्दी, जुखाम, बुखार और डायरिया आसानी से हो जाता है. इसलिए अभिभावकों को भी जागरूक होना चाहिए. ऐसे में बच्चों का विशेष ख्याल रखना है. बच्चे को अचानक से गर्म मौसम में न भेजें या फिर गर्म वातावरण से एसी वाले कमरे में न भेजें. जिससे बच्चे को सर्दी जुखाम बुखार हो. क्योंकि इस समय बच्चों को बचाने की खास जरूरत है. अभिभावकों को ध्यान देना होगा कि बच्चों के खान-पान का गर्मियों में विशेष ध्यान रखना है. खासकर जो नवजात शिशु हैं उनका अधिक ध्यान देना होगा. बार-बार दस्त और उल्टी दस्त होने पर उन्हें ओआरएस का घोल पिलाते रहें. साथ ही बुखार होने पर बच्चों को प्लेन पैरासीटामॉल देते रहें.
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FIRST PUBLISHED : June 13, 2023, 19:53 IST






