दोस्त को मां के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा, 63 दिन इंतजार के बाद प्राइवेट पार्ट काटा

अंजलि सिंह राजपूत/लखनऊ. उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पुलिस ने पिछले सवा महीने से चुनौती बने हत्या के एक मामले की गुत्थी सुलझा ली है. यह मामला दोस्ती में धोखे और नाजायज रिश्तों से जुड़ा है. आरोपी ने दोस्त को मां के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था. इसके बाद से वह बदले की आग में जल रहा था. आखिरकार, 63 दिनों तक इंतजार करने के बाद उसने सुनियोजित साजिश रचते हुए दोस्त को मौत के घाट उतार दिया. इतने पर भी उसका दिल नहीं पसीजा तो उसने प्राइवेट पार्ट भी काट दिया.

मामला महानगर में 5 मई की सुबह कुकरैल बंधे पर मृत मिले गार्ड सिद्धार्थ तिवारी की हत्या का है जिसका खुलासा महानगर पुलिस ने कर दिया है. महानगर थाने के इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्रा ने बताया कि इस मामले का आरोपित इटौंजा का रहने वाला है. इसका नाम अनुपम तिवारी है, जो लखनऊ में मड़ियांव में अपनी मां और बड़े भाई के साथ किराए पर रह रहा था.

उन्होंने बताया कि सिद्धार्थ तिवारी का करीबी रिश्तेदार अतुल के साथ अनुपम मड़ियांव में ही एक कैंटीन में काम करता था. अतुल ने ही सिद्धार्थ तिवारी और अनुपम तिवारी की दोस्ती कराई थी. दोस्ती के दौरान ही इन लोगों का एक दूसरे के घर आना-जाना शुरू हो गया था. इसी दौरान अनुपम की मां को सिद्धार्थ तिवारी ने अपने प्रेम जाल में फंसा लिया. उन्होंने यह भी बताया कि अनुपम के पिता एक बीमारी के चलते इटौंजा में ही रहते हैं. ऐसे में सिद्धार्थ और अनुपम की मां की करीबी बढ़ी, जिसके बाद अनुपम को सिद्धार्थ पर शक हो गया था.

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2 मार्च को दोस्त को देखा था मां के साथ
इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्रा ने बताया कि 2 मार्च को घर पहुंचे अनुपम ने किसी को मां के कमरे में देखा और चुपचाप घर से बाहर निकल कर खड़ा हो गया. कुछ देर बाद सिद्धार्थ को घर से निकलता देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. दोस्त के धोखे से आहत अनुपम ने देर रात तक अकेले शराब पी और इसी के बाद उसकी हत्या का प्लान बनाया.

उन्होंने आगे बताया कि क्योंकि सिद्धार्थ फोन का इस्तेमाल नहीं करता था इसीलिए उसे ट्रेस करना आसान नहीं था. हत्या का मौका तलाश रहा अनुपम कमर में चाकू लगाकर ऐसी जगहों पर सिद्धार्थ का इंतजार करने लगा जहां पर उसका अक्सर आना-जाना था. 4 मई की रात ताड़ीखाने के पास शराब लेते समय दोनों का आमना-सामना हो गया.

पकड़े जाने का था डर
इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्रा के अनुसार अनुपम को पकड़े जाने का डर था इसीलिए उसने सिद्धार्थ को हत्या के लिए बातों में फंसा कर महानगर में शराब पीने का अड्डा बनाया और कुकरैल बंधे पर उसे ले गया. वहां दोनों ने साथ शराब पी. जब सिद्धार्थ पूरी तरह से नशे में हो गया तो अनुपम ने उसके सिर पर वार कर दिया. इसके बाद पत्थर से उसका चेहरा पूरी तरह से खराब कर दिया और चाकू से भी कई बार वार किए. यही नहीं अनुपम के अंदर इतना ज्यादा गुस्सा था कि उसने सिद्धार्थ का प्राइवेट पार्ट भी काट दिया.

ऐसे पकड़ा गया अनुपम
महानगर इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्रा ने बताया कि सर्विलांस की मदद से घटना के समय घटना स्थल के आसपास मौजूद लोगों की पूरी जानकारी जुटाई गई. इसके बाद टीम ने संदिग्ध नंबर छांटने शुरू किए. इस दौरान टीम को अतुल के दोस्त अनुपम की लोकेशन घटनास्थल पर मिली. हिरासत में उसे लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली.

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Author: Jagran Times

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