
शक्ति सिंह/ कोटा. वैसे को हाड़ौती में ऐसे कई लोग हुए हैं, जिन्होंने इस धरा का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. कोटा के रहने वाले शंभूसिंह चौबदार भी ऐसे ही शख्स हैं, जिनकी वजह से देश—विदेश में कोटा का नाम है, वो भी हाड़ौती की पुरानी चित्र शैली को जीवंत रखने के लिए. पेशे से चित्रकार चौबदार की कोटा—बूंदी की शैली पेंटिंग काफी चर्चाओं में रहती हैं. विदेशों में भी इनकी बनाई पेंटिंग्स की खूब सराहना होती है. इन्होंने अब तक हजारों पेंटिंग्स बनाई हैं और कई प्रतिष्ठित अवॉर्ड अपने नाम किए हैं. इतना ही नहीं इनके नाम कई विश्व रिकॉर्ड बने हुए हैं.
पेंटिंग बनाने को लेकर शंभूसिंह ने एक रिकॉर्ड भी बनाया हुआ है, जिसकी वजह से उनका नाम गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है. शंभू बताते हैं कि उन्होंने कुछ वर्ष पूर्व एक घंटे में 812 पेंटिग्स बनाई थी. इसके बाद उनका नाम गिनीज बुक में दर्ज हुआ. शंभू बताते हैं कि उनका ये रिकॉर्ड अब तक बरकरार है. इसके अलावा वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ इंडिया बुक में 20 साल में 25000 पेंटिंग बनाने का भी रिकॉर्ड इनके नाम दर्ज है.
चार पीढ़ियों से परिवार जुड़ा है चित्रकला से
शंभूसिंह बताते हैं कि उनका परिवार चार पीढ़ियों से चित्रकारी की विधा से जुड़ा है.. उनके परदादा बूंदी रियासत के लिए चित्रकारी किया करते थे. इसी तरह पिता भी चित्रकार थे. शंभूसिंह को भी चित्रकारी का शौक बचपन से ही था. अब शंभू भी अपने पुरखों की तरह ही कोटा—बूंदी शैली के चित्र बनाने में महारत हासिल कर चुके हैं.
शंभूसिंह ने बताया कि इनके द्वारा बनाई गई पेंटिंग अमेरिका और जर्मनी तक जाती हैं. जर्मनी से इन्हें 35 से अधिक पेंटिंग के आर्डर मिल चुके हैं. जिनमें दैवीय और रागमाला की मांगज्यादा है.विदेशों से शंभू सिंह की पेंटिंग की बारीकी को देखने के लिए कई लोग विदेशों से कोटा आ चुके हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 13, 2023, 16:56 IST






