Ayodhya News: अवध के नवाब की हवेली का होगा कायाकल्प, बनेगी पर्यटक स्थल

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सर्वेश श्रीवास्तव/अयोध्या. अयोध्या की भव्यता लौट रही है. मठ मंदिरों का जीर्णोद्धार हो रहा है. रामायण कालीन कुंडों को सजाया जा रहा है. एक तरफ भगवान राम का भव्य मंदिर आकार ले रहा है तो दूसरी तरफ अयोध्या की संस्कृति और सभ्यता को संजोया जा रहा है. धार्मिकता के साथ-साथ भगवान राम की नगरी अयोध्या पर्यटन की दृष्टि से भी विश्व के मानचित्र पर स्थापित हो रही है. शायद यही वजह है कि अब अवध के नवाब शुजाउद्दौला की हवेली का कायाकल्प किया जाएगा. योगी सरकार नवाब की हवेली को पर्यटन स्थल के रूप विकसित करने जा रही है.

मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम की नगरी में सरयू किनारे स्थित अवध के तीसरे नवाब शुजाउद्दौला की हवेली जर्जर हालत में स्थित है. अब प्रदेश की योगी सरकार कायाकल्प कराने जा रही है. इसे पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा. इतना ही नहीं हवेली की पुरानी शान और शौकत को लौटाने का काम पर्यटन विभाग ने भी शुरू कर दिया. आपको बताते चलें कि धर्म नगरी अयोध्या में भी नवाबों की विरासत फैली हुई है. एक दौर में अवध की राजधानी रहे फैजाबाद में नवाबों की संस्कृत और स्थापत्य कला के कई नमूने आज भी देखने को मिलते हैं. जिसमें गुलाब वाड़ी, बहू बेगम का मकबरा, मोती महल प्रमुख है.

ब्रिटिश सरकार में बनी थी अफीम कोठी
अवध के तीसरे नवाब शुजाउद्दौला की हवेली को ब्रिटिश सरकार ने अफीम कोठी बना दिया था. वहीं अब योगी सरकार इस हवेली का कायाकल्प करने जा रही है जो पर्यटक के लिए आकर्षण का केंद्र होगा. यह हवेली 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित है. शायद यही वजह है कि पर्यटन विभाग नवाब की इस रियासत को पुराने रंग रोगन में लाना चाहता है. ताकि परिक्रमार्थी के अलावा पर्यटक भी इसे देख सके. पर्यटन विभाग की मानें तो इस पूरे परिसर में खाली स्थान पर पार्क बनाए जाएंगे. पर्यटक की मूलभूत सुविधाओं को विकसित किया जाएगा.

पर्यटकों के लिए होगा आकर्षण का केंद्र
डीएम नीतीश कुमार बताते हैं कि अयोध्या की अफीम कोठी पौराणिक स्थलों में से एक है. उसी कलेवर में हम लोग उसका कायाकल्प करेंगे. बहुत बेहतर तरीके से अफीम कोठी को संरक्षित किया जाएगा. यह पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र होगा. अयोध्या की प्राचीन विरासत है, उसी कलेवर में हम लोग उसको रेनोवेट करेंगे. इतना ही नहीं प्राचीन काल में उस भवन में जो भी कुछ होता था उस इतिहास को आज के समय में उस कोठी में दिखाया जाएगा.

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FIRST PUBLISHED : June 12, 2023, 23:03 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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