केएमवीएन का अनोखा पहल! पर्यटकों को अपनी स्थानीय भाषा में दिलाई जा रही हिमालय बचाने की शपथ

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

हिमांशु जोशी/पिथौरागढ़. भारत देश एकता में अनेकता वाला देश है. जहां हर राज्यों की अपनी अलग सभ्यता संस्कृति है. जहां की भाषा में भी भिन्नता पाई जाती है. जो भारत देश को सबसे अलग बनाती है. सभी भारतीय भी एक दूसरे की बोली का सम्मान भी करते हैं. जिसके चलते उत्तराखंड के सुदूरवर्ती बॉर्डर पर बसे पिथौरागढ़ जिले में इसका उदाहरण देखने को भी मिल रहा है.

यहां की वादियों का दीदार करने कई राज्यों के लोग यहां केएमवीएन में पहुंच रहे हैं और केएमवीएन के पिथौरागढ़ स्थित टीआरएच में एक अनोखी मुहिम भी इसके तहत शुरू हुई है. जिसमें पिछले कई सालों से यहां के प्रबंधक द्वारा लोगों को हिमालय बचाओं अभियान की शपथ दिलाई जा रही है. अब यह शपथ जिस राज्य से लोग उत्तराखंड आएं है उनकी अपनी स्थानीय भाषा में इसका अनुवाद कर दिलाई जा रही है.

मुहिम ला रहा रंग
इस दौरान पर्यटक हिमालय में गंदगी न करने और वहां मौजूद कूड़े को अपने साथ लाने के साथ ही वृक्षारोपण करने की शपथ ले रहे हैं. जिसका असर यह हुआ कि हजारों यात्री इस मुहिम से जुड़ चुके हैं और उच्च हिमालयी इलाकों का सम्मान करते हुए वहां मौजूद कचरा भी अपने साथ धारचूला ला रहे हैं.

पर्यटकों की आवाजाही बन रही थी समस्या
पिथौरागढ़ केएमवीएन के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी जो पर्यावरण मित्र के नाम से जाने जाते हैं उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही बड़ी है. जो यहां की इकोनॉमी के लिए तो सही है लेकिन इससे वहां के पर्यावरण पर गलत प्रभाव भी पड़ता है. जिसे कम करने के लिए उन्होंने यहां पिछले कई सालों से कैलाश मानसरोवर और आदि कैलाश के दर्शन को आने वाले यात्रियों को हिमालय बचाओं अभियान से जोड़ा है.जिसमें यात्रियों को वृक्षारोपण करने के साथ ही हिमालय में गंदगी ना फैलाने को प्रेरित किया जा रहा है.

.

FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 13:49 IST

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें