यहां 12 सालों से होमगार्ड अभ्यर्थी लगा रहे दौड़, दफ्तरों के चक्कर लगा-लगा कर हो रहे परेशान


रविकांत कुमार / मधेपुरा. कहते हैं कि 14 वर्ष का वनवास काटने के बाद भगवान राम को राजगद्दी मिली. 12 वर्ष के वनवास और एक वर्ष के अज्ञातवास के बाद युधिष्ठर को राजपाट मिला. मधेपुरा में 12 वर्ष का पेंडिंगवास कटवाने के बाद होमगार्ड अभ्यर्थियों से सरकार ने दौड़ लगवाई. उम्मीद थी कि अब तो वर्दी पहनने का अवसर मिल ही जाएगा. लेकिन इन 11 वर्षों में युवा जवानी से अधेड़ की दहलीज पर आ गए. कई तो पोता-नाती वाले भी बन गए. जैसे-तैसे स्टेडियम में बारिश का पानी सोखने के लिए डाले गए रेत पर दौड़ लगाकर कुछ लोगों ने फिजिकल पास किया. लेकिन जो कुछ अभ्यर्थी पास हुए, उन्हें भी जिला प्रशासन जॉइनिंग लेटर देना भूल गया. अब ये लोग आंदोलन के मूड में आ गए हैं. अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है.

साल 2011 में निकाली गई थी बहाली
पूरा मामला वर्ष 2011 में बिहार सरकार के द्वारा निकाली गई होमगार्ड बहाली से जुड़ा हुआ है. 2011 में होमगार्ड बहाली के लिए विज्ञापन निकाला गया था. लेकिन विभागीय उदासीनता की वजह से बहाली का फाइल धूल फांकता रह गया. आखिरकार सरकार ने 11 साल बाद होमगार्ड अभ्यर्थियों की शारीरिक परीक्षा और मेडिकल परीक्षण कराया. इसमें जिले के कुल कितने अभ्यर्थी सफल हुए, इसकी मेरिट लिस्ट अब तक जारी नहीं हुई है. इस प्रक्रिया को अब 12 साल पूरे हो गए हैं. अभ्यर्थियों को न नौकरी मिली न वर्दी पहनने का मौका मिल पाया.

पदाधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर काट रहे अभ्यर्थियों
आंदोलन कर रहे होमगार्ड अभ्यर्थियों ने बताया कि 12 वर्ष बाद भी होमगार्ड बहाली की प्रक्रिया पूरा नहीं होना दुखद है. वे कहते हैं कि पड़ोस के अन्य जिले सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, भागलपुर आदि जगहों पर बहाली की प्रक्रिया संपन्न हो गई है. बावजूद मधेपुरा में अब तक मेरिट लिस्ट भी जारी नहीं की गई. अभ्यर्थियों ने कहा कि अब कई ऐसे अभ्यर्थी हैं, जो अधेड़ हो गए हैं. होमगार्ड बहाली की आस में रोजी रोजगार छोड़कर लगातार नेताओं और पदाधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर काट रहे हैं. लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है. अधिकारी कुछ भी कहने से कतराते हैं.

.

FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 13:52 IST

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More

उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी 9 वर्षीय पुत्र ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया 2 मिनट में 200 देश के झंडे पहचान कर बताने वाला पार्थ झा नमक बच्चों ने इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है माता-पिता वर्तमान में मुंबई में रहते हैं डॉक्टर जे विक्रम चाइल्ड स्पेशलिस्ट चाइल्ड केयर नर्सिंग होम के मालिक मामा है मामा जी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उनका भांजा पार्थ झा ने 2 मिनट में 200 देश के फ्लैग पहचान कर बताने में महारत हासिल की है महाराष्ट्र राज्य में स्थित संस्था ने गोल्ड मेडल और एक प्रमाण पत्र दिया है इस वक्त उसका नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ़ रिकार्ड्स मैं दर्ज किया गया है भांजा और बहन पार्थझा मां जयश्री पिता अशोक झा बांदा के रहने वाले हैं हालांकि इसमें कोई शक नहीं है इतनी कम उम्र में 200 देश के झंडों का पहचान करना यह एक चमत्कार ही है दिमाग इस बच्चे का कंप्यूटर की तरह कार्य कर रहा है बांदा का लाल मुंबई में रहकर नाम पैदा कर रहा है सिर्फ बांदा भर का नहीं पूरे विश्व में भारत का नाम ऊंचा किया