पेड़ के नीचे मिली थी बजरंगबली की यह मूर्ति, 200 साल पुराना मंदिर आज आस्था का बड़ा केंद्र

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सौरभ तिवारी/बिलासपुर. बजरंगबली संकटमोचन हैं, वह दुष्टों और राक्षसों का नाश करते हैं. बल, बुद्धि विद्या के दाता हैं. हनुमान जी का एक प्राचीन सिद्ध धाम बिलासपुर शहर के बीचों बीच मौजूद है जो की आज आस्था का बड़ा केंद्र है. यहां हर दिन भक्तों का तांता लगता है और खास मौकों पर तो पैर रखने तक की जगह नहीं होती.

बिलासपुर के देवकीनंदन चौक पर स्थित हनुमान मंदिर भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र है. यह मंदिर लगभग 200 साल पुराना है. मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित रामेश्वर पाठक बताते हैं कि मंदिर में मौजूद बजरंगबली की मूर्ति स्वयंभू है और यह मूर्ति एक पेड़ के नीचे मिली थी. जिसके बाद भक्तों के द्वारा इस मूर्ति को इस मंदिर में स्थापित किया गया और तबसे लेकर आज तक हनुमान जी का यह मंदिर भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है.

सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं…
भक्तों की मानें तो हनुमान जी के इस धाम में उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. भक्तों ने बताया की कोई भी व्यक्ति यहां सच्चे मन से मन्नत मांगता है वह पूरी जरूर होती है. हनुमान जी के इस मंदिर में वैसे तो हर दिन भक्त आते हैं आरती में शामिल होते हैं. खास मौकों पर यहां भव्य आरती और पूजा का आयोजन किया जाता है. जिसमें सैकड़ों हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं.

मंदिर में भंडारा
मंदिर में आए दिन भंडारा और खिचड़ी प्रसाद भी बांटा जाता है. यह मंदिर पूर्णतः सार्वजनिक है. वहीं समय के साथ भक्तों की आस्था से इस मंदिर को और भव्य स्वरूप दिया गया है. यह मंदिर पास में स्थित पेट्रोल पंप वाले बुधिया परिवार की जमीन पर बना है, जिसे उन्होंने दान में दिया था.

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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