Sagar News: नन्हे हाथों ने कैनवास पर कल्पनाओं को उकेरा, दिया पर्यावरण बचाने का संदेश

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

अनुज गौतम/सागर: नन्हे हाथों ने कॉपी पर चलाने वाली पेंसिल को जब कैनवास पर चलाया तो अपनी कल्पनाओं से भरा सबसे प्यारा एनिमल उस पर उकेर दिया. जब इन खूबसूरत पेंटिंग को लोगों ने देखा तो वह केवल यह कहते हुए ही सुनाई दिए अद्भुत, वाह, क्या बात है. सागर के सिविल लाइन चौराहे के पास कुछ बच्चे अपने हाथों में पोस्टर लिए हुए बैठे थे. इन पोस्टर पर अलग-अलग तरह के चित्र थे, जिनमें हाथी, घोड़ा, शेर, गाय, जिराफ, भालू, गिलहरी, पांडा, खरगोश और हिरण जैसे अलग-अलग चित्र बने हुए थे.

इन पोस्टरों को बच्चों के द्वारा ही अलग-अलग कलर पेंटिंग स्केच से तैयार कर बनाया गया था. बच्चों ने अपने-अपने पेंटिंग बनाने के बाद पर्यावरण बचाने और जानवर बचाने का संदेश चौराहे पर बैठकर दिया. जो भी यहां से निकल रहा था वह रोककर इन बच्चों के हुनर को देख काफी तारीफ कर रहे थे. बता दें कि अभी गर्मियों की छुट्टी चल रही है. इस दौरान रंग के साथी ग्रुप के द्वारा बच्चों को पेंटिंग करना सिखाया गया. जिसमें 5 साल से लेकर 15 साल तक के बच्चे शामिल थे.

ग्रुप के असरार खान ने बताया कि पिछले दिनों पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसमें बच्चों के द्वारा कैनवास पर अपनी कल्पनाओं को उकेरा गया था. इसमें पालतू और जंगली जानवर शामिल थे. अब उन्हीं चित्रों की प्रदर्शनी को सिविल लाइन चौराहे के पाथवे पर प्रदर्शित किया जा रहा है. इसके माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति और विलुप्त होते जानवरों को बचाने का संदेश दिया गया.

बच्चों ने दिखाया जानवर प्रेम
आगे बताया कि इसमें 5 साल की सबसे छोटी बच्ची श्रेयांसी के द्वारा बटरफ्लाई को बनाया गया था. उसने कहा यह उसे सबसे अच्छा लगता है इसलिए उसे बनाया. वहीं 8 साल की रावी पोद्दार ने बताया उसके द्वारा गाय को बनाया गया है, क्योंकि गाय भगवान श्री कृष्ण की प्रिय है और श्रीकृष्ण उसे अच्छे लगते हैं. जिराफ बनाने वाली असी ने बताया कि आजकल जानवर विलुप्त होते जा रहे हैं. इसको बचाने के लिए हमें जंगल को बचाना होगा. जंगल बचा रहेगा तो जानवर बचे रहेंगे. इसलिए जानवर और जंगल दोनों ही जरूरी है. लोगों को यही संदेश दे रहे हैं कि वे जंगल को बचाएं और जानवरों को बचाएं.

Tags: Local18, Mp news, Sagar news

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें