
अरुण कुमार शर्मा / मुंगेर. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी के विरुद्ध मुंगेर के सीजीएम कोर्ट में जदयू जिलाध्यक्ष नचिकेता मंडल ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है. जिसमें उन्होंने कहा है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने 15 मई को एक इलेक्ट्रॉनिक चैनल में सांसद ललन सिंह के द्वारा मुंगेर के पोलो मैदान में कार्यकर्ताओं के सम्मान भोज के दौरान मटन चावल के साथ शराब परोसने का आरोप लगाया था. प्रदेश अध्यक्ष ने खुलेआम आरोप लगाया था कि जदयू एक ऐसी पार्टी है जो वोट लेने के लिए लोगों को मांस-भात के साथ शराब का सेवन कराते हुए वोट देने की अपील करती है. इस पर जदयू की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया था. लेकिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने न तो साक्ष्य प्रस्तुत किया और न हीं माफी मांगी. इसके बाद जदयू जिलाध्यक्ष ने मानहानि का मुकदाम दर्ज कराया है. इससे पहले भी 18 मई को मुंगेर कोर्ट में नालसी वाद दायर किया गया था.
शराब पिलाने का कोई सबूत पेश नहीं किया
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ता सम्मान भोज में मांस-भात के साथ शराब परोसने को लेकर बयान दिया था. सम्राट चौधरी के इस बयान पर 17 मई को जदयू की ओर से कानूनी नोटिस भेजा गया था. जिसमें सम्राट चौधरी से सम्मान भोज के दौरान शराब परोसने का साक्ष्य प्रस्तुत करने और विवादित बयान देने के लिए माफी मांगने की आग्रह करते हुए 15 दिनों के अंदर जवाब मांगा था. नचिकेता मंडल ने बताया कि वाजिब जवाब नहीं देने पर केस करने की बात कही थी. लेकिन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा लीगल नोटिस के 9 दिन बाद जो जवाब दिया गया उसमें शराब परोसने का कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया और न ही विवादित बयान देने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी गई. इससे साफ है की सम्राट चौधरी ने जनता दल यू और खासकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की छवि को बदनाम करने की नियत से इस तरह की बयानबाजी की.
बेबुनियाद आरोप किसी भी कीमत पर नहीं करेंगे स्वीकार
अधिवक्ता राज किशोर ने बताया कि सम्राट चौधरी द्वारा साक्ष उपलब्ध नहीं कराने और माफी भी नहीं मांगने के बाद पार्टी के निर्देशानुसार जदयू जिलाध्यक्ष नचिकेता मंडल ने सम्राट चौधरी पर सीजीएम के न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है. वहीं नचिकेता मंडल ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को बोलने की आजादी है. विकास कार्यों में जहां गड़बड़ी है, वहां विपक्षी बोल सकते हैं. लेकिन किसी की छवि खराब करने के उद्देश्य से विवादित बयान पार्टी किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी. वह भी तब जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी को सख्ती से लागू कराया है और उन्हीं की पार्टी के कार्यकर्ताओं पर शराब परोसने का आरोप लगाया गया है. जो सरासर बेबुनियाद आरोप है. इसमें कोई दम नहीं है.
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FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 15:37 IST








