Credit Utilization Ratio: क्या होता है क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो, जानें आपके क्रेडिट स्कोर पर कैसे पड़ता है असर

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नई दिल्ली. अगर आप बैंक से कर्ज लेने जाते हैं तो आमतौर पर क्रेडिट स्‍कोर (Credit Score) का जिक्र आता है. दरअसल, क्रेडिट स्‍कोर/सिबिल स्कोर लोन अदा करने की किसी व्‍यक्ति की साख को नापने का महत्‍वपूर्ण पैमाना है. अगर आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो तो लोन मिलने में काफी दिक्कत आती है. क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो आपको कम ब्याज दर पर आसानी से लोन मिल जाता है. वहीं, क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो (Credit Utilization Ratio – CUR) का आपके क्रेडिट स्कोर पर असर होता है. आइए जानते हैं कि क्या होता है क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो

क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो यानी CUR का मतलब है कि आपके क्रेडिट कार्ड की जो क्रेडिट लिमिट है, उसका एक महीने में आप कितना इस्तेमाल करते हैं. क्रेडिट स्कोर पर CUR का बहुत प्रभाव पड़ता है. आपका CUR इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने क्रेडिट कार्ड का कितना इस्तेमाल करते हैं. जितना ज्यादा आप क्रेडिट कार्ड का उपयोग करेंगे उतना ज्यादा आपका CUR होगा.

उदाहरण के लिए, अगर आपके क्रेडिट कार्ड पर 2 लाख रुपये की क्रेडिट लिमिट है. इसमें आप 30,000 रुपये खर्च करते हैं, तो आपका CUR 15 फीसदी होगा. क्रेडिट लिमिट ज्यादा इस्तेमाल होने से क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो बढ़ जाता है. अच्छे क्रेडिट स्कोर लिए हमेशा सलाह दी जाती है कि क्रेडिट उपयोग रेशियो 30 फीसदी से कम ही रखना चाहिए. इससे यह संकेत मिलता है कि आप क्रेडिट कार्ड पर ज्यादा निर्भर नहीं हैं. अगर आपका CUR 30 फीसदी के स्तर को पार कर जाता है, तो आपका क्रेडिट स्कोर कम हो सकता है. कम CUR बनाए रखने के लिए क्रेडिट लिमिट बढ़ाने की सलाह दी जाती है.

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FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 06:05 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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