फायदेमंद होते है घुंघराले बाल, मानव विकास में भी रहा है उनका योगदान- शोध

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मानव विकास में शरीर के हर अंग की कहानी और भूमिका है. लेकिन क्या ऐसा हमारे सिर के बालों के साथ भी है. इंसान के बालों की बनावट में बहुत विविधता है. आजकल तो हेयर स्टाइल भी बहुत विकल्प के साथ हैं. लेकिन नए शोध में वैज्ञानिकों ने इंसान के बालों की बनावट के महत्व का अध्ययन किया. वैसे तो लगता है कि बालों का काम सिर की रक्षा करने के लिए ही है, लेकिन इसकी कई तरह की उपयोगिता है. शोध के अनुसार इंसान के बालों की खास बनावट गर्मी में राहत देने के काम आती है और मानव विकास के इतिहास में इनसे आधुनिक मानव के दिमाग के आकार के विकास में भी मदद की है और इसमें सबसे अहम भूमिका बालों के घुंघराले होने की बनावट की रही जिसकी वजह से अफ्रीका जैसी गर्म जलवायु में इंसानों की प्रजाति पनप सकी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

पेन स्टेट और लोगबोरोयूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने विशेष तौर पर विभिन्न बालों की बनावट के शरीर के तापमान को नियंत्रित करने की प्रक्रिया में भूमिका का अध्ययन किया. जिसमें पाया गया कि घुंघराले बाल अफ्रीका की गर्मी में हमारे पूर्वजों के लिए बहुत उपयोगी साबित हुए थे. हमारे सिर और पूर्वजों के आवास में तीव्र सूर्य की रोशनी साल भर सीधे सिर पर पड़ती थी. ऐसे में घुंघराले बाल उन्हें ठंडा रखते थे और पानी की बचत करते थे. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Wikimedia Commons) इसे खास तरह के अनुकूलन को समझने के लिए शेधकर्ताओं ने थर्मल मैनिकिन का उपयोग किया जो इंसानी शरीर की गर्मी पैदा कनरे वाला एक इंसान के आकार का एक प्रतिमान था. मैनिकन को पहले शोधकर्ताओं ने औसत शारीरिक तापमान के लिए प्रोग्राम कर उनका मापन करने के बाद लैम्प की रोशनी के विकिरण में सीधे, हलके घुंघराले, घने घुंघराले और बिना बालों की स्थितियों में ऊष्मा हानि का मापन किया. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay) इससे शोधकर्ताओं ने ऊष्मा हानि की तुलना करने पता लगा कि सिर कितना सौर विकिरण अवशोषित करता है. इसके साथ शोधकर्ताओं ने हवा में नमी, बहती हवा, सिर में पसीना आदि कारकों को भी शामिल कर इन सभी बालों की बनावट में सिर ऊष्मा से कैसे निपटता इसका पता लगाया. पाया गया कि सभी प्रकार बाल सौर विकिरण में कमी लाने का काम करते हैं, लकिन इसमें घने घुंघराले बाल सबसे ज्यादा कारगर हैं जिसमें पसीने की जरूरत कम होती है और सिर को सबसे ज्यादा ठंडक मिलती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay) PNAS प्रकाशित अध्ययन में पाया गा कि जब इंसानों ने सबसे सीधा चलना शुरू किया तब सिर के बालों से उन्हें काफी मदद मिली क्योंकि तेज गर्मी सीधे सिर पर पड़ती थी और मस्तिष्क खुद एक ऊष्मा संवेदी अंग है खुद ऊष्मा पैदा करता है. खास तौर पर जब वह बढ़ रहा हो, तब उसे ज्यादा गर्मी से बचाव की जरूरत होती है. इसके लिए सिर पर पसीने की ग्रंथियां होती हैं, लेकिन उससे पानी और इलेक्ट्रोलाइट की हानि होती है. शोधकर्ताओं का कहना है कि इंसान को घुंघराले बालों का विकास इसी लिए हुआ कि सिर को बिना शरीर के अन्य संसाधनों के उपयोग के ठंडा रखा जा सके. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

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Author: Up Head Line

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