
हाइलाइट्स
ई-मेल के जरिए पीडीएफ फाइल भेज रहे हैं.
फाइल खोलते ही सिस्टम में मैलवेयर अटैक करता है.
यूआरएल लिंक भी अटैचमेंट के साथ भेजे जा रहे हैं.
नई दिल्ली. अगर आप सोचते हैं कि आपके मोबाइल या कंप्यूटर में वायरस (Virus) तभी घुसेगा जब आप किसी संदिग्ध वेबसाइट पर जाएंगे या फिर कुछ डाउनलोड करेंगे, तो आप गलत हैं. किसी फाइल को खोलते ही आपके सिस्टम में सेंध लग सकती है. हैकर्स ने अब पीडीएफ फाइल को लोगों के बैंक अकाउंट खाली करने का हथियार बनाया है. साइबर सिक्योरिटी फर्म पालो आल्टो नेटवर्क्स (Palo Alto Networks) ने पाया है कि हैकर्स ई-मेल के जरिए पीडीएफ फाइल भेजकर मैलवेयर इंस्टाल कर रहे हैं. “Updated Salary” और “invoice_AUG_4601582.pdf” नाम की पीडीएफ फाइल का इस्तेमाल सबसे ज्यादा हो रहा है.
इसलिए अगर आपको भी ई-मेल से इन नामों से कोई पीडीएफ मिले, तो उसे भूलकर भी न खोलें. अगर आपने गलती से भी यह काम कर लिया तो आपका बैंक अकाउंट खाली होने में ज्यादा देर नहीं लगेगी. पालो आल्टो नेटवर्क्स ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि हैकर्स पीडीएफ फाइल को प्रचलित नाम दे रहे हैं ताकि प्राप्तकर्ता को वो सेफ लगे और वो उसे खोले. पीडीएफ फाइल के द्वारा भी सिस्टम पर अटैक हो सकता है, यह ज्यादातर लोगों को पता नहीं है. हैकर्स इसी का फायदा उठा रहे हैं. पीडीएफ फाइल अटैचमेंट के साथ यूआरएल लिंक्स या बटन भी भेजे जा रहे हैं. इन पर क्लिक करते ही यूजर धोखाधड़ी के उद्देश्य से बनाई वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं.
इन वेबसाइट्स पर विजिट करना ज्यादा खतरनाक
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हैकर्स किन लोगों को ज्यादा निशाना बना रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार जो लोग अश्लील वेबसाइट्स और वित्तीय सेवा उपलब्ध करानी वाली ऐसी साइट्स पर विजिट करते हैं, जिनका डोमेन हाल ही में रजिस्टर्ड (Newly Registered Domains -NRDs) हुआ है, वे हैकर्स के निशाने पर है. ऐसा इसलिए है क्योंकि नई पंजीकृत वेबसाइट्स का साइबर सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर (Cybersecurity Infrastructure) स्थापित वेबसाइट्स के मुकाबले कमजोर होता है. इसी वजह से ये वेबसाइट्स फ़िशिंग (Phishing), सोशल इंजीनियरिंग या मैलवेयर (Malware Spreading) फैलाने में ज्यादा सहायक होती हैं.
अभी AI में हैकर्स का नहीं ज्यादा इंटरेस्ट
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल खूब बढ़ रहा है. लेकिन, कमाल की बात है हैकर्स की इसमें दिलचस्पी नहीं जगी है. पालो ऑल्टो नेटवर्क्स की रिपोर्ट के अनुसार, हैकर्स द्वारा एआई का इस्तेमाल न के बराबर ही किया जा रहा है. हालांकि, चैटजीपीटी के लॉन्च और इसके बढ़ते उपयोग से साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट को लग रहा था कि हैकर्स इसका बेजा इस्तेमाल करेंगे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है.
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Tags: Cyber Attack, Cyber Fraud, Cyber security company, Tech News in hindi, Virus
FIRST PUBLISHED : June 09, 2023, 10:25 IST








