
आर्थिक सफलता के लिए जरूरी है कि हम अपने वित्तीय लक्ष्य बहुत सोच-समझकर चुनें. आसान शब्दों में कहें, तो अपने लिए स्मार्ट गोल तय करें. स्मार्ट गोल का मतलब है कि निश्चित, ट्रैक कर सकने लायक, हासिल किए जा सकने वाला, आपकी जरूरतों के मुताबिक और निर्धारित समय में लक्ष्य हासिल करना.
एक खास और समय के साथ मापे जा सकने लायक वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करने के साथ, यह भी जरूरी है कि ये लक्ष्य आपके लिए हासिल करना नामुमकिन नहीं हों. यह आपकी जरूरतों और क्षमता के मुताबिक हों, ताकि आपके भविष्य के लिए तय आर्थिक लक्ष्य पूरे हो सकें. साथ ही, आपको अपने लिए डेडलाइन यानी कि समय-सीमा भी तय करनी होगी, ताकि अपने लक्ष्यों को पूरा करने का उत्साह बना रहे.
हालांकि, इन सबके साथ यह भी जरूरी है कि आपको एक योजना बनाकर उसके अनुसार ही काम करना होगा. साथ ही, अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए दृढ़ निश्चय होना और उस दिशा में लगातार कदम उठाते रहना भी जरूरी है. इसके अलावा, आपको समय-समय पर अपने लक्ष्यों की समीक्षा करना चाहिए और यह भी देखना चाहिए कि उन्हें किस सीमा तक पूरा कर लिया गया है. इससे परिस्थितियों और जरूरत के मुताबिक उनमें बदलाव भी कर पाएंगे.
इस साल के लिए अपने स्मार्ट आर्थिक लक्ष्यों को इस तरह से तय करें:
स्पष्ट लक्ष्य तय करें: अपने आर्थिक लक्ष्य तय करते वक्त हमेशा स्पष्ट रहें. आपके पास तय समय-सीमा और स्पष्ट रूप-रेखा होनी चाहिए. जैसे कि , “मैं और पैसा बचाना चाहता या चाहती हूं” कहने के बजाय, आपको तय करना चाहिए कि “मैं साल के अंत तक 50,000 रुपये बचाना चाहता या चाहती हूं.”
ऐसे लक्ष्य जिन्हें ट्रैक किया जा सके: अपने आर्थिक लक्ष्यों को तय करते वक्त इसका ध्यान रखें कि आप उन्हें समय-समय पर ट्रैक कर सकते हैं. लक्ष्यों की प्रगति मापते रहना उनकी सफलता की दिशा में एक ज़रूरी कदम है. इसके लिए आप कुछ छोटे-छोटे बिंदु या मील के पत्थर तय कर सकते हैं. जैसे कि 10 साल के दूरगामी लक्ष्य के लिए हर 2 साल पर समीक्षा की जा सकती है.
हासिल किए जा सकने लायक: आपको अपने आर्थिक लक्ष्य निर्धारित करते वक्त इस बात का ज़रूर ख्याल रखना चाहिए कि यह आपकी आय, खर्चे और जोखिम उठाने की क्षमता के मुताबिक हों. लक्ष्य हमेशा व्यावहारिक और तय किए जा सकने लायक होने चाहिए.
आपकी जरूरतों और क्षमता के मुताबिक हों: जीवन के किसी भी दूसरे लक्ष्य के अनुसार ही आपको अपने आर्थिक लक्ष्य भी जरूरतों और क्षमता के मुताबिक तय करना चाहिए. आपको यह आकलन करना चाहिए कि आपने अपनी आर्थिक स्थिति के लिए जो भी लक्ष्य तय किए हैं, उनसे आपकी ज़िंदगी और स्थिति में कितना सुधार हो सकता है.
समय-सीमा तय करें: किसी भी लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में पहला कदम होता है कि आपको समय-सीमा जरूर तय करनी चाहिए. इससे आपको अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा और जरूरत या परिस्थितियों के मुताबिक उनमें कुछ बदलाव भी कर पाएंगे.
एक स्मार्ट आर्थिक लक्ष्य तय करने का छोटा सा उदाहरण: “मुझे हर महीने 5,000 रुपये ज़्यादा पेमेंट करके इस साल के अंत तक 50,000 रुपये का क्रेडिट कार्ड का कर्ज़ चुकाना है. इससे मुझे कर्ज़ पर लगने वाले ब्याज की रकम नहीं चुकानी पड़ेगी और मेरे क्रेडिट स्कोर में सुधार भी होगा.”
एक बात हमेशा याद रखें कि स्मार्ट आर्थिक लक्ष्य तय करना इस दिशा में पहला कदम है. अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पाने के लिए इस दिशा में लगातार पूरी ईमानदारी और दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ने की जरूरत होती है.
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Tags: Mutual fund, Mutual funds
FIRST PUBLISHED : June 08, 2023, 19:27 IST








