
ऋषभ चौरसिया/लखनऊः कुकरैल रिवरफ्रंट के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है. नदी से नाले की शक्ल में दिखने वाले कुकरैल के उद्धार की नींवरखी गई. अमृत अभिजात प्रमुख सचिव शहरी विकास, कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब और डीएम सूर्य पाल गंगवार ने मुआयना किया. इस दौरान प्रमुख सचिव ने कहा कि जब तक कुकरैल नदी अपने प्राकृतिक स्वरूप में वापस नहीं आ जाती, तब तक इसमें कृत्रिम रूप से साफ पानी डाला जाएगा.
बारिश के पानी को इकठ्ठा कर कुकरैल नदी में भरा जाएगा. साथ ही शारदा नहर का पानी भी छोड़ा जाएगा. झील को नदी के छह किलोमीटर लंबाई के साथ विकसित किया जाएगा. चकडैम बनेंगे ताकि पानी कम होने पर झील के जल का उपयोग किया जा सके. राज्य सरकार उस एजेंसी के साथ एक समझौता करेगी जो साबरमती रिवरफ्रंट के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि अहमदाबाद से विशेषज्ञ जल्द पहुंचेंगे.
आबादी को दूसरी जगह पर बसाया जाएगा
प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि संयुक्त कमेटी का गठन किया जा रहा है. सिंचाई विभाग, एलडीए, नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहेंगे. समिति यह पता लगाने के लिए एक सर्वेक्षण करेगी कि कुकरैल तटबंधों पर कब्जा करने वाले लोग कहां से आते हैं. साथ ही बताया कि जो लोग लंबे समय से लखनऊ में रह रहे हैं. उन्हें आवासीय परियोजनाओं में रखा जाएगा. अन्य को स्थानांतरित किया जाएगा.








