
प्रतीक कुमार
सिरोही. भारत विभिन्नताओं वाला देश है और सनातनी देश कहलाता है. इसे लेकर देश में तरह-तरह के कार्य किए जाते हैं. जयपुर के रहने वाले 28 वर्षीय शिवराज गौ वंश के संरक्षण के लिए पूरे भारतवर्ष की यात्रा पर निकले हुए हैं. उन्होंने डेढ़ साल पहले कन्याकुमारी से यात्रा की शुरुआत की थी. शिवराज फिलहाल 17 राज्यों में पैदल यात्रा करते हुए सिरोही पहुंचे हैं. गौ संरक्षण की इस मुहिम को लेकर कई युवा संत शिवराज से प्रभावित हो रहे हैं.
गौवंश संरक्षण को लेकर शिवराज की मुहिम युवाओं को प्रेरित कर रही है. गौवंश के लिए शुरू किए गए इस मुहिम को लेकर शिवराज का आगमन सिरोही शहर में भी हुआ. उन्होंने इस मसले पर खुलकर बात करते हुए बताया कि 11 दिसंबर 2021 को उन्होंने रामेश्वरम से यात्रा शुरू की थी. यात्रा को शुरू हुए तकरीबन 18 महीने हो चुके हैं. इस अवधि में उन्होंने 17 राज्यों की यात्रा पूरी की है.
यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौ संरक्षण
शिवराज ने बताया कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौ संरक्षण है और गौ माता को राष्ट्रीय दर्जा मिले, गौ हत्या बंद हो और गौ वंश को अधिक से अधिक बढ़ावा मिले इसके लिए यात्रा को शुरू की गई है. उनकी यह यात्रा अगले साल 2024 तक चलेगी और लोगों को गौ संरक्षण के प्रति प्रेरित करेगी.
इन राज्यों में जाएगी यात्रा
यात्रा पर निकले ने बताया कि यात्रा तमिलनाडू से शुरू होकर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली से होते हुए राजस्थान के माउंट आबू पहुंची है. यात्रा यहां से गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बाद अगले साल 2024 में समापन हो जाएगा.
विभिन्न हिंदू संगठनों ने किया स्वागत
सिरोही में संत शिवराज के आगमन के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों ने संत का स्वागत-सत्कार किया. संत शिवराज ने विभिन्न राज्यों की हजारों से ज्यादा गौशालाओं में जाकर देसी नस्ल को संरक्षण व गौ माता के राष्ट्रीय ओहदे की मुहिम की ज्योत जलाई है. संतोष शिवराज की इस मुहिम में वर्तमान में 10,500 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर चुके हैं और आगे भी यह यात्रा जारी रहेगी. यात्रा का मकसद गौवंश की महत्ता और गौवंश को राष्ट्रीय दर्जा मिले इस प्रण को लेकर यात्रा जारी है. सिरोही में यह यात्रा विभिन्न गौशालाओं में विभिन्न जगह भ्रमण कर रही है और इस यात्रा की मुहिम के साथ सिरोही में विभिन्न हिंदू संगठन भी इससे जुड़े हुए हैं.








