Ekadashi Vrat Niyam: एकादशी के दिन भूलकर भी नहीं खाने चाहिए चावल? बैद्यनाथ धाम के ज्योतिषी से जानें वजह

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परमजीत कुमार/देवघर. हिन्दू धर्म में सभी पर्वों का अपना अलग महत्व होता है. एकादशी को सर्वश्रेष्ठ पर्व माना जाता है. एकादशी पर्व में व्रत रखकर पूजा करने से श्रद्धालु को सीधा लाभ मिलता है. आषाढ़ माह में एकादशी 14 जून को पड़ रही है. इसे योगिनी एकादशी के रूप में जाना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की मान्यता है. देवघर के ज्योतिषी पंडित नन्दकिशोर मुदगल ने बताया कि एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित माना जाता है. आइए जानते हैं क्यों?

बैद्यनाथ धाम के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नन्दकिशोर मुदगल ने न्यूज़ 18 लोकल को बताया कि हिंदू धर्म में एकादशी पर्व का खास महत्व है. इस दिन व्रत रख कर पूजा की मान्यता है. एकादशी व्रत के दौरान अन्न का सेवन वर्जित होता है, लेकिन चावल तो व्यक्ति को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए, चाहे वह एकादशी का व्रत रखे या ना रखे. दरअसल चावल तामसिक भोजन की श्रेणी में आता है. इसके पीछे भी एक कथा है.

जानिए क्या है कथा?
पंडित नन्दकिशोर मुदगल ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां भगवती के क्रोध से बचने के लिए महर्षि मेधा ने अपने शरीर का ही त्याग कर दिया था. इसके बाद उनके शरीर के अंश पृथ्वी में समा गए थे. मान्यता है कि उन अंशों के धरती में समाने के परिणाम स्वरूप धरती से चावल के पौधे की उत्पत्ति हुई. यही कारण है कि चावल को अनाज नहीं अपितु जीव माना जाता है. महर्षि मेधा ने एकादशी के दिन शरीर त्याग किया था. यही कारण है कि एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित माना जाता है. (नोट: यह खबर मान्‍यता पर आधारित है. न्‍यूज़ 18 इसकी पुष्टि नहीं करता है. )

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FIRST PUBLISHED : June 08, 2023, 09:51 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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