
आदित्य आनंद/गोड्डा. गोड्डा के भगैया सिल्क नगर में सिल्क की साड़िया बनाई जाती हैं. यहां के लोग साड़ी बुनकर तैयार करते हैं, फिर उसे आकर्षक रूप देने के लिए साड़ी पर प्रिंटिंग भी की जाती है. साड़ियों पर यह प्रिंटिंग पहले हाथों से की जाती थी, लेकिन आधुनिक होते इस दौर में अब कंप्यूटर से डिजाइन कर इसे साड़ियों में प्रिंट किया जाता है.
एक साड़ी पर प्रिंटिंग करने में आता है 400 से 500 रुपए का खर्च
साड़ी प्रिंटिंग फैक्ट्री के संचालक राकेश कुमार ने बताया कि पहले वे हाथों से साड़ी पर प्रिंटिंग करते थे. लेकिन अब कंप्यूटर से डिजाइन कर प्रिंट करते हैं. इससे डिजाइन का विकल्प बढ़ गया है और काम भी आसान हो गया है. यहां साड़ियों पर प्रिंटिंग में एक फैक्ट्री राकेश की ही है. उन्होंने बताया कि एक साड़ी पर प्रिंटिंग करने में 400 से 500 रुपए का खर्च आता है और प्रिंटिंग की स्याही कोलकाता से लाते हैं, जो की पक्का रंग होता है और पानी में धोने के बावजूद छूटता नहीं है. वह साड़ी में प्रिंटिंग का यह काम दशकों से इस गांव में करते आ रहे हैं.
3500 रुपए से साड़ी की कीमत शुरू
इस गांव में बड़े पैमाने पर रेशम की साड़ी तैयार की जाती है, जो किप्रिंट होने के लिए राकेश की फैक्ट्री में आती हैं. यहां प्रिंट करके उसे देश के अलग-अलग राज्यों में भेजा जाता है. इसके साथ देश के अलग-अलग राज्यों से व्यापारी भी आकर सिल्क की साड़ियों को खरीद कर व्यापार करने के लिए ले जाते हैं. यहां 3500 रुपए से साड़ी की कीमत शुरू होती है और 25,000 रुपए तक की प्रिंटेड साड़ी उपलब्ध है.
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FIRST PUBLISHED : June 07, 2023, 14:49 IST








