
अंकित कुमार सिंह/सीवान. बिहार के सीवान में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे अपात्र लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है. इसके तहत कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर किसानों का सत्यापन कर रहे हैं. विभाग के आदेश अनुसार, अपात्रों को चिह्नित करके उनकी सम्मान निधि को बंद कराया जाएगा. इसको लेकर पंचायतों में कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार को जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस प्रकार के कदम उठाए जाने से अपात्र लाभार्थियों में हड़कंप मचा हुआ है.
पीएम किसान योजना के चार लाख 26 हजार लाभुक
जिला कृषि पदाधिकारी जयराम पाल ने बताया कि सीवान में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 4.26 लाख लाभुक पंजीकृत हैं. जिनको भारत सरकार सहायता के रूप में प्रतिवर्ष 6000 रुपए किसान सम्मान निधि के तौर पर दे रही हैं. यह धनराशि दो-दो हजार रुपए की तीन किश्तों में दी जाती है. उन्होंने कहा कि लाखों लाभुकों में से हजारों किसान अपात्रता की श्रेणी में आते हैं, जो योजना के लाभ ले रहे हैं. ऐसे अपात्र लाभार्थियों की सम्मान निधि को बंद कराया जाएगा. शत प्रतिशत भौतिक सत्यापन के लिए समय अवधि तो निर्धारित नहीं किया गया है. हालांकि, लाभार्थी जल्द से जल्द सत्यापन करा लें.
शत प्रतिशत भौतिक सत्यापन के तहत हो रहीपहचान
कृषि कोऑर्डिनेटर महेश कुमार पांडे ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि के लाभुकों का ई-केवाईसी तथा सौ प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जा रहा है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लिए अपात्रता की श्रेणी बनाई गई है. इसमें पति-पत्नी में से एक को ही इस योजना का लाभ-मिल सकता है. वहीं, भूतपूर्व और वर्तमान संवैधानिक पद धारक, सरकारी नौकरी करने वाले, आयकर दाता, मृतक, संस्थागत भूमि धारकको यह लाभ नहीं मिलेगा. उन्होंने बताया कि भौतिक सत्यापन के लिए लाभुकों के आधार कार्ड, जमीन की रसीद ,पती-पत्नी के आधार कार्ड, किसान पंजीकरण शामिल है.
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FIRST PUBLISHED : June 07, 2023, 12:42 IST








