Yogini Ekadashi 2023: कब है योगिनी एकादशी? इस दिन दो बार गंगा स्नान से होगा डबल फायदा! ज्‍योतिषी से जानें सब

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ईशा बिरोरिया/ ऋषिकेश: हिंदू धर्म में सभी एकादशी तिथि भगवान विष्‍णु को समर्पित हैं. एकादशी व्रत के दिन सभी भगवान विष्णु की उपासना करते है. हिंदू पंचांग के अनुसार साल भर में 24 एकादशी तिथि पड़ती हैं. उन्हीं में से कुछ विशेष मानी गई हैं, जैसे योगिनी एकादशी. माना जाता है कि जो व्यक्ति योगिनी एकादशी के शुभ दिन व्रत रखता है और गंगा स्नान के बाद भगवान विष्णु की की उपासना करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. इतना ही नहीं योगिनी एकादशी व्रत रखने से ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य भी मिलता है.

ऋषिकेश के ज्‍योतिषी और पुजारी धर्मानंद शास्त्री ने बताया कि आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है. इस वर्ष योगिनी एकादशी का व्रत 14 जून को रखा जाएगा. साथ ही बताया कि इस व्रत को करने से पापों से मुक्ति मिलती है और साथ ही यह भगवान विष्णु को समर्पित है. धर्मानंद शास्त्री के मुताबकि, वैसे तो गंगा स्नान का अपना महत्व है, लेकिन योगिनी एकादशी के अवसर पर गंगा स्नान और साधु संतों को दान देने का विशेष महत्व है.

पुण्य की प्राप्ति के लिए दो बार करें गंगा स्नान
धर्मानंद शास्त्री ने बताया कि इस व्रत को एकादशी के दिन से द्वादशी तक रखा जाता है. साथ ही नियमपूर्वक इस व्रत को करने से हमारे जीवन के विघ्नों से मुक्ति मिलती है. उन्होंने बताया कि महाभारत काल में भगवान कृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को इसका महत्व समझाया था. योगिनी एकादशी के दिन प्रातःकाल पवित्र गंगा नदी में स्नान करना चाहिए और उसके साथ ही ब्राह्मणों को दान देना चाहिए. साथ ही नियमानुसार व्रत करने के बाद द्वादशी के दिन फिर गंगा स्नान करने से पुण्य लाभ की प्राप्ति होती है. (नोट: इस खबर में दी गई सभी जानकारियां और तथ्य मान्यताओं के आधार पर हैं. NEWS18 LOCAL किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं करता है.)

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FIRST PUBLISHED : June 07, 2023, 12:37 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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