अलवर में बढ़ रहा कैंसर पीड़ितों का आंकड़ा, मुंह और गले के सबसे ज्यादा मामले, जानिए कारण

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अलवर. कहते हैं कैंसर का जहर इतना घातक होता है कि वह इंसान को जीते जी मौत का एहसास करवा देता है. मुख्य रूप से धूम्रपान करने वाले लोगों को कैंसर की बीमारी होती है. मगर धूम्रपान करने वाले लोगों के आसपास रहने वाले को भी कहीं ना कहीं इसका खतरा बना रहता है. अलवर के जिला अस्पताल की बात की जाए तो जिले भर में तेजी से कैंसर के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं. जिसका एक कारण लोगों में बढ़ती धूम्रपान की लत है. सामान्य जिला अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुखबीर सिंह तवर कहते हैं कि इन दिनों अलवर जिले में कैंसर का आंकड़ा बढ़ रहा है. इसका प्रमुख कारण युवाओं में तंबाकू की बढ़ती लत है. अलवर में पुरुषों में मुंह व गले कैंसर की समस्या ज्यादा है. किसी भी रूप में तंबाकू लेना हानिकारक है. क्योंकि जो तंबाकू लोग खा रहे हैं उसमें 200 से 300 प्रतिशत ऐसे केमिकल होते हैं जिनके कारण कैंसर हो सकता है.

डॉ. सुखबीर ने बताया कि कैंसर में सबसे पहले छाला बन जाता है. यह नॉर्मल दवाइयों से ठीक नहीं होता और लंबे समय तक बना रहता है. कैंसर शुरुआत में दर्द नहीं करता. शुरुआती दौर में छाले के बाद कैंसर की गांठ बन जाती है जो कि छोटी होती है. इसकी वजह से व्यक्ति को पता नहीं चल पाता अगर व्यक्ति को गांठ में दर्द हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर इलाज करवाएं. जिससे कि कैंसर को अर्ली स्टेज में ही रोका जा सके.

पहली स्टेज में ही इलाज कराना बेहतर

डॉ. सुखबीर ने बताया कि कैंसर की मुख्यतः 4 स्टेज इज होती है. पहले व दूसरे चरण के कैंसर को 80 परसेंट तक रोका जा सकता है. तीसरे व चौथे चरण में 20 परसेंट ही ऐसे केस होते हैं जिन्हें कैंसर से रिकवर किया जा सकता है. क्योंकि चौथी स्टेज में कैंसर फैल चुका होता है. जिसके कारण उसे रोकना आसान नहीं होता. महिलाओं में कैंसर को लेकर डॉक्टर सुखबीर ने बताया कि शहरी महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की ज्यादा संख्या है. ग्रामीण महिलाओं में बच्चेदानी के मुंह का कैंसर ज्यादा पाया जा रहा है. कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है. जिससे कैंसर जैसी बीमारी पर रोक लगाई जा सके.

मुंह व गले के ज्यादा मामले आ रहे

सामान्य जिला अस्पताल में 2021 करीब 2605 मरीज कैंसर से पीड़ित मरीज परामर्श के लिए आ चुके हैं. जिनमें 1276 मुंह व गले के कैंसर से पीड़ित युवा रहे. 357 फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित रहे, जिनकी औसत उम्र करीब 30 साल से ज्यादा रही. 341 बेस्ट कैंसर वाले मरीज हॉस्पिटल में डॉक्टर से परामर्श के लिए आए. इनकी उम्र करीब 35 वर्ष रही. 125 बच्चेदानी के मुंह के कैंसर पीड़ित मरीज जिला सामान्य अस्पताल पहुंचे तथा 506 अन्य कैंसर पीड़ित मरीज जिला सामान्य अस्पताल में बन रही कैंसर यूनिट में परामर्श के लिए पहुंचे.

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FIRST PUBLISHED : June 06, 2023, 17:43 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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