
हिमांशु अग्रवाल/छतरपुर.मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने छतरपुर के एक ऐसे सर्जन को सम्मानित किया है, जिसे बच्चों के गले में फंसे सिक्के निकालने में महारत हासिल है, जी हां इस डॉक्टर ने जिले के 128 बच्चों के गले से सिक्के निकाले हैं, खास बात यह कि इन्होंनेबिना किसी सर्जरी और तकलीफ के इनके गले से सिक्के निकालकर बच्चोंजान बचाई है.
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में छतरपुर में बुंदेलखंड केसरी महाराज छत्रसाल की शौर्यगाथाओं को लेकर गौरव दिवस मनाया गया. कार्यक्रम का आयोजन छतरपुर शहर के बाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम में किया गया था जिसमे जिले सहित आसपास के जिलों के लोग इस गौरव दिवस के भव्य आयोजन में शामिल हुए.
गले में फंसे 128 सिक्कों को बिना सर्जरी के निकाला
इसके साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छतरपुर गौरव दिवस के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में अपना सर्वश्रेष्ठ देने वाले लोगों को भी सम्मानित किया है. हम आपको बता दें कि जिला अस्पताल में पदस्थ सर्जन डॉक्टर मनोज चौधरी को भी मुख्यमंत्री ने उनके उत्कृष्ट कार्य को लेकर सम्मानित किया है हम आपको बताएं कि डॉक्टर मनोज चौधरी के द्वारा बिना सर्जरी के बच्चों के गले में फंसे 128 सिक्कों को बिना सर्जरी के निकाला है. जिसको लेकर उन्हें मंच से छतरपुर गौरव दिवस के अवसर पर महाराजा छत्रसाल की प्रतिमा भेंट की गई. जब से छतरपुर के जिला अस्पताल में डॉक्टर मनोज चौधरी पदस्थ हैं तब से ही यहां पर बच्चों के गले में फंसे सिक्के बिना किसी सर्जरी के निकाल दिए जाते हैं.
छत्रसाल की प्रतिमा भेंट की गई
डॉक्टर मनोज चौधरी ने बताया कि जब भी कोई बच्चा गले में सिक्का फंसा कर आता है तो उसे निकालने की एक अलग टेक्निक होती है कैथेटर की सहायता से वह सिक्का बिना सर्जरी के निकाल देते हैं. वही छतरपुर गौरव दिवस के अवसर पर 6 लोगों को भी उनके अलग-अलग क्षेत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर मंच से सम्मानित किया गया था.








